विहिप नही चाहता है अलगाववाद: प्रवीण तोगड़िया

नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद जल्द ही ऐसे हिंदूओं को साथ लाने जा रही है जो हिंदूओं के लिए कार्य कर रहे हैं। दरअसल आरएसएस ने धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने वाले संगठनों से खुद को अलग करने का प्रयास किया है ऐसे में आरएसएस के सहयोगी संगठन विहिप ने भी अलग तरह से कार्य करने की बात कही है। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्रकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगडि़या द्वारा कहा गया है कि कट्टरपंथी शब्द स्वार्थ जताने वाले समूहों का ही कार्य है। विहिप अलगाव नहीं चाहती।  

तोगडि़या ने कहा कि विहिप ऐसे संगठनों में शामिल है जो देश के बेहतर हितों को ध्यान में रखता है। उनका कहना था कि जिहादियों के न्यूयाॅर्क और पेरिस में हमला करने के बाद दुनिया उनके विरूद्ध खड़ी है। उल्लेखनीय है कि आरएसएस ने दादरी हत्याकांड, साहित्यकार कलबुर्गी की हत्या होने के बाद असहिष्णुता के मसले  पर बवाल मचने के बाद इन सभी मामलों से दूर रहने के प्रयास किए हैं।

ऐसे में विहिप ने भी अब अलग तरह से हिंदूत्व के मसले पर कार्य करने का विचार किया है। प्रवीण तोगडि़या ने कहा कि राम मंदिर के अतिरिक्त विहिप, गौहत्या रोकने और संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने को लेकर सिविल कोड पर जोर दिया जाएगा। यही नहीं विहिप सेना से युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। 

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