अमेरिकी राष्ट्रपति ने हवाई में विश्व के सबसे बड़े संरक्षित राष्ट्रीय समुद्री स्मारक का किया विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने हवाई में विश्व के सबसे बड़े संरक्षित राष्ट्रीय समुद्री स्मारक का किया विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 27 अगस्त 2016 को हवाई स्थित विश्व के सबसे बड़े संरक्षित राष्ट्रीय समुद्री स्मारक का विस्तार किया. इस क्षेत्र को पापाहानाउमोहकूआकेआ (Papahanaumokuakea) कहा जाता है.

वर्ष 2006 में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसकी स्थापना की थी लेकिन ओबामा ने यहां के क्षेत्र विस्तार को प्रमुखता दी क्योंकि अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को अहमियत दी. उत्तर पश्चिमी हवाई द्वीप समूह में समुद्र और भूमि मिलाकर अब इस मरीन नेशनल मोन्युमेंट का क्षेत्रफल 582,578 वर्ग मील हो गया है. पहले यह 
क्षेत्रफल 442781 वर्ग मील था.

व्हाइट हाउस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इससे इस क्षेत्र में मौजूद 7000 से अधिक प्रजातियों जैसे व्हेल, समुद्री कछुए, कोरल रीफ, गहरे समुद्र के जीव एवं अन्य प्रजातियों का संरक्षण किया जा सकेगा. इससे इस क्षेत्र के पारिस्थितिक संसाधनों का भी विकास हो सकेगा.

बराक ओबामा ने वर्ष 1906 के एन्टीक्विटिज एक्ट के प्रावधानों के अनुसार अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए फेडरल जमीन और जल क्षेत्र को संरक्षित घोषित किया. विभिन्न वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और हवाई के स्थानीय लोग इस जैव-विविधता वाले क्षेत्र के संरक्षण की मांग कर रहे थे. 

अब इस विस्तारित क्षेत्र में मछली पकड़ने और गहरे समुद्र में खनिजों के खनन पर प्रतिबन्ध लगाया दिया जायेगा. भोजन के लिए मछली का शिकार तथा हवाई की परंपराओं के अनुसार इस क्षेत्र के उपयोग और वैज्ञानिक शोध की अनुमति दी जाएगी. नए संरक्षण नियम का मतलब है कि हवाई का 60 फीसद समुद्री क्षेत्र मछआरों के लिए प्रतिबंधित हो जाएगा.

अमेरिका की नेशनल ओशीनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के शोधकर्ता डैनियल वैग्नर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र से जमा किए गए हर 50 बॉयोलॉजिकल सैंपल से कई नई प्रजातियों और कई ऐसी प्रजातियों का पता चला है जो इस इलाके में नहीं पाई जातीं. इस क्षेत्र में मैंग्नीज, निकेल, जिंक, कोबाल्ट और टाइटेनियम का निक्षेप है.