पुलिस करेगी उत्तर प्रदेश के निर्दलीय विधायक अमनमणि पास प्रकरण की जांच

उत्तर प्रदेश के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी को नियम ताक पर रख कर बदरीनाथ धाम का पास जारी करने के प्रकरण में सरकार को पुलिस की जांच पर भरोसा है। वहीं मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव और जिलाधिकारी देहरादून सहित कुछ और अफसर पास जारी करने को लेकर सवालों के घेरे में हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें की सरकार ने इस हाई प्रोफाइल प्रकरण में अलग से जांच कमेटी बनाने से इंकार किया है। सचिवालय मीडिया सेंटर में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान उच्चस्तरीय जांच को लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि मुनिकीरेती में विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। 

इसके साथ ही वह इस बात की भी जांच भी करेगी कि पास जारी करने में किस अफसर के स्तर से चूक हुई है।वहीं इस मामले में अलग से कोई जांच नहीं कराई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सरकार कार्रवाई करेगी। आला अधिकारियों पर आरोप होने के बावजूद जांच कमेटी नहीं बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में सक्षम है और किसी भी अधिकारी के खिलाफ जांच कर सकती है।विधायक को पास जारी करने का प्रकरण सामने आने के बाद से सरकार बचाव की मुद्रा में दिख रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को आवाजाही की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद विधायक अमनमणि को पास जारी किया गया।पास के लिए अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव को पत्र भेजा गया था। इसी पत्र के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय ने विधायक और उनके साथियों सहित तीन गाड़ियों का पास जारी किया। जबकि कोरोना लॉकडाउन को लेकर जारी गाइडलाइन के तहत पास जारी नहीं किया जा सकता है।कर्णप्रयाग पुलिस ने विधायक के पास को अमान्य बताकर बैरंग लौटाया था, जिसके बाद मुनिकीरेती में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

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