आसुमल से आसाराम तक के कुकर्मो का फल आज

जोधपुर: जोधपुर की कोर्ट में आज यौन शोषण केस में लगभग पिछले पांच साल से कैद आसाराम के भविष्य का फैसला होना है. आसुमल हरपलाणी उर्फ आसाराम पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली दलित नाबालिग लड़की के साथ रेप केस से संबंधित है. दिल्ली के कमलानगर थाने में 19 अगस्त 2013 को आसाराम पर एफआईआर दर्ज की गई. आसाराम पर जीरो एफआईआर दर्ज हुई. एफआईआर में आईपीसी की धारा 342, 376, 354-ए, 506, 509/34, जेजे एक्ट 23 व 26 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत केस दर्ज हुआ. दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल कराया गया.फैसला सुनाने के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल में ही कोर्ट तैयार किया गया है, जहां आसाराम बंद है.

आसाराम को इस केस में न्यूनतम 3 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है, हालांकि बरी किए जाने की स्थिति में भी आसाराम जेल से रिहा नहीं होंगे क्योंकि उनके खिलाफ सूरत की दो बहनों से रेप के दो केस अहमदाबाद कोर्ट में चल रहे हैं. फिलहाल जोधपुर के मणाई आश्रम में शाहजहांपुर की पीड़िता से रेप के इस केस में अगर उन्हें सजा होती है तो जो भी सजा होगी, आसाराम ने जितने साल जेल में बिताए हैं, उतने वर्ष सजा की अवधि में से कम हो जाएंगे.

जोधपुर SC/ST कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा आज सुबह 8.30 बजे के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल में ही तैयार किए गए कोर्ट में अपना फैसला सुनाएंगे. आसाराम करीब 4 साल से इसी जेल में बंद है. जोधपुर सेंट्रल जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि आज सुबह 8.30 बजे मामले की सुनवाई शुरू हो सकती है. लेकिन उससे पहले जज मधुसूदन शर्मा कोर्ट जाएंगे. ऐसे में देरी भी हो सकती है. कोर्ट ने 7 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था.

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भक्तों के नाम आसाराम की चिट्ठी

 

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