गायत्री देवी की सुंदरता पर मरती थी पूरी दुनिया, राजघराने से था संबंध

राजस्थान के जयपुर के भूत पूर्व राजघराने की राजमाता गायत्री देवी का जन्म 23 मई 1919 को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हुआ था। राजकुमारी गायत्री देवी के पिता राजकुमार जितेन्द्र नारायण कूचबिहार (पश्चिम बंगाल) के युवराज के छोटे भाई थे, वहीं माता बड़ौदा की राजकुमारी इंदिरा राजे थीं। पहले शांति निकेतन, फिर लंदन और स्विट्ज़रलैंड में शिक्षा प्राप्त करने के बाद इनका इनकी शादी जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह (द्वितीय) से हुई।

वॉग पत्रिका द्वारा कभी विश्व की दस सुंदर महिलाओं में गिनी गईं राजमाता गायत्री देवी सियासत में भी सक्रिय थीं। इन्होंने सन् 1962 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी द्वारा स्थापित स्वतंत्र पार्टी की प्रत्याशी के रूप में जयपुर लोकसभा सीट से समूचे देश में सर्वोच्च बहुमत से चुनाव में विजयी होने का गौरव प्राप्त किया।  बालिकाओं की शिक्षा के लिए 1943 में जयपुर में पहला पब्लिक स्कूल 'महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल' (एमजीडी) शुरू करने का श्रेय भी महारानी गायत्री देवी को ही जाता है।

इसके बाद 1967 और 1971 के चुनावों में विजयी होकर लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुईं। किन्तु राजनीतिक सफर में कष्ट भी सहने पड़े, जब आपातकाल के दौरान वे दिल्ली के तिहाड़ जेल में कैद रही। गायत्री देवी पर (ए प्रिंसेस रिमेम्बर्स) और (ए गवर्नमेंट्स गेट वे) नामक पुस्तकें अंग्रेजी में प्रकाशित हो चुकी हैं। 90 वर्ष की आयु में 29 जुलाई 2009 को इनका जयपुर में देहांत हो गया।

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