आंध्र सरकार से खफा हुआ तेलंगाना, जानिए क्यों?

तेलंगाना कैबिनेट ने शनिवार को कृष्णा नदी पर “अवैध प्रोजेक्ट को लेकर आंध्र सरकार की निंदा की। निंदा करते हुए उन्होंने बताया, एनजीटी तथा केंद्र द्वारा दिए गए आदेशों पर ध्यान नहीं दिया गया है। इस की वजह से वहां के लोगों को भारी हानि का सामना करना पड़ा। जिसके तहत तेलंगाना कैबिनेट ने शनिवार को जनता के बीच एक अभियान आरम्भ करने का निर्णय किया।

सीएम दफ्तर (सीएमओ) की तरफ से जारी बयान में बोली गई है परियोजनाओं की वजह से प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र को भारी हानि होगी। सिंचाई विभाग के अफसरों ने तेलंगाना राज्य सरकार को सूचित किया कि वे पहले ही अवैध आंध्र प्रदेश परियोजनाओं के केस में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से कांटेक्ट कर चुके हैं तथा मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी दायर किए गए हैं।

हैदराबाद शहर के संकट के बीच प्रदेश को कृष्णा नदी के पानी का उचित भाग दिलाने के लिए राज्य सरकार ने आलमपुर क्षेत्र में जोगुलम्बा बैराज बनाने का निर्णय किया है। मंत्रि-परिषद ने सूर्यापेट जिले के नलगोंडा में पुलीचिंताला वाम नहर के निर्माण तथा 2 लाख एकड़ में पानी की सप्लाई करने का भी फैसला लिया है। आंध्र प्रदेश की अवैध परियोजनाओं की वजह से प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र को होने वाली भारी हानि के बारे में लोगों के बीच एक अभियान आरम्भ करने का भी फैसला लिया गया है। कृष्णा नदी के पानी के भाग पर समाधान निर्धारित करने के अतिरिक्त, तेलंगाना सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के अधिकार क्षेत्र के तहत तीन नए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स के निर्माण को अनुमति दी है।

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