निजामुद्दीन कोरोना मामला: झूठ बोलकर भारत का वीज़ा लेते हैं तब्लीगी जमात के लोग

नई दिल्ली: दिल्ली के निजामुद्दीन में 13 से 15 मार्च के बीच हुई तब्लीगी जमात की धार्मिक सभा ने मोदी सरकार की दिक्कतें बढ़ा दी है. इस सभा में शामिल हुए 6 लोगों की कोरोना वायरस महामारी से सोमवार को तेलंगाना में मौत हो गई. सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, तबलीगी जमात के नाम पर किसी विदेशी को वीजा नहीं दिया जाता है.

तबलीगी जमात में शामिल लोग भारत यात्रा पर आने के दौरान वीजा में इन जानकारियों को छुपाते हैं. वीजा में अधिकतर मामलों में ये बताया जाता है कि वो भारत घूमने जा रहे हैं. सूत्रों ने बताया है कि निजामुद्दीन से लेकर देशभर मे तबलीगी जमात के लोग मौजूद हैं जिनमें इंडोनेशिया से लेकर कई विदेशी मुस्लिम भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि फरवरी माह में मलेशिया में हुए तबलीगी जमात से पूरे मलेशिया में कोरोना का संक्रमण फैला. भारत में मौजूद कई तबलीगी जमात के लोग मलेशिया से वापस आए हैं जिनसे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.

इस पूरे मामले ने केंद्र सरकार को चिंता में डाल दिया है. सरकार इसे कोरोना के खिलाफ जंग में एक बड़ी चुनौती मान रही है. पूरे हालात की समीक्षा करने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की मीटिंग बुलाई गई है. जिसमें ये निर्णय लिया जाएगा कि इस चुनौती से किस तरह से निपटा जाए. आपको बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कुछ दिनों पहले पाबंदियों के बाद भी एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम किया गया  था. इस कार्यक्रम में लगभग 1400 लोग शामिल थे. सोमवार रात को इनमें से 34 लोगों की तबीयत ख़राब हो गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इनमें से एक बुजुर्ग का इंतकाल हो गया.

प्रशासनिक कार्यकारी के रिक्त पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन

कोरोना का कहर, 17 साल के निचले स्तर पर पहुंचे कच्चे तेल के दाम

चीनी कंपनी Oppo ने पीएम राहत कोष में दान किये 1 करोड़ रूपये

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -