कोयला घोटाला: मनमोहन को मिली राहत

By Harish Parmar
Sep 15 2015 08:15 PM
कोयला घोटाला: मनमोहन को मिली राहत

नई दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राहत देते हुए अब सुप्रीम कोर्ट 21 सितंबर को मनमोहन सिंह व उद्योगपति कुमार मंगलम बिडला मामले की सुनवाई नहीं करेगा. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कपिल सिब्बल जो की अदालत में मनमोहन सिंह के वकील है उन्होंने कहा की मनमोहन सिंह का मामला प्रिवेंशन ऑफ करप्शन के तहत है और उनका कोयला घोटाले से कुछ संबंध नहीं है. बाद में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने कहा कि वे 21 सितंबर की कार्यसूची से उनका नाम हटा रहे हैं. अब भविष्य में मुख्य न्यायाधीश यह तय करेंगे कि डॉ मनमोहन सिंह के मामले की सुनवाई कौन सी बेंच करेगी. गौरतलब है की मनमोहन ने कोयला घोटाले में बतौर आरोपी विशेष अदालत द्वारा समन किये जाने के खिलाफ अपील की थी. उसी अपील पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह फैसला सुनाया है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोर्ट के समक्ष अपनी इस याचिका में कहा था कि तालाबीरा कोल ब्लॉक आवंटन के पीछे आपराधिक इरादा नहीं था, इसलिए भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत आरोप नहीं लगाया जा सकता है. उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि वह एक प्रशासनिक फैसला था, जिसे एक लंबी प्रक्रिया के तहत लिया गया था. ज्ञात हो की 2005 में हिंडाल्को को ओडिशा में तालाबीरा-2 कोयला ब्लाक आवंटन करने से जुड़ा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री के पास उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था। व उस वक्त कोयला घोटाले में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है उनमें पूर्व प्रधानमंत्री और कोयला मंत्री मनमोहन सिंह के साथ साथ कुमार मंगलम बिड़ला, पीसी परख, शुभेन्दु अमिताभ, व डी भट्टाचार्य का नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।