सुप्रीम कोर्ट ठुकराई रेप के दोषी आसाराम की याचिका, कहा- 'दुष्कर्मी' से कोई सहानुभूति नहीं

Jul 12 2019 12:33 PM
सुप्रीम कोर्ट ठुकराई रेप के दोषी आसाराम की याचिका, कहा-  'दुष्कर्मी' से कोई सहानुभूति नहीं

नई दिल्ली: दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आसाराम को शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका को ठुकरा दिया है। इससे पहले जोधपुर उच्च न्यायालय ने भी आसाराम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जेल से बाहर आने की छटपटाहट के कारण आसाराम ने अपनी पत्नी को गंभीर बीमारी होने का हवाला देते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय में अंतरिम याचिका दाखिल की थी। किन्तु 21 फरवरी 2019 को उच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया था।

राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने अदालत के समक्ष आसाराम की पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की थी। किन्तु पुलिस द्वारा दाखिल की गई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा था कि आसाराम की पत्नी गंभीर बीमार नहीं है। न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि खंडपीठ इस प्रवृत्ति के अपराधी के साथ किसी भी किस्म की सहानुभूति नहीं रखती। 

इसके साथ ही खंडपीठ ने आसाराम के वकील जगमाल चौधरी को अंतरिम जमानत अर्जी वापस लेने के लिए पूछा, किन्तु नहीं लिए जाने पर अदालत ने इस अर्जी को खारिज कर दिया। आपको बता दें कि आसाराम अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप में जोधपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है.

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