बजरी खनन मामले में राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, माँगा जवाब

Jul 29 2019 01:13 PM
बजरी खनन मामले में राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, माँगा जवाब

नई दिल्ली: बजरी खनन मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह में जवाब मांगा है. अवमानना याचिका बजरी ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष नवीन शर्मा की ओर से दायर की गई थी. बता दें कि शीर्ष अदालत ने पूरे राजस्थान में बजरी खनन पर रोक लगा रखी है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि रोक के बाद भी धड़ल्ले से राज्य में बजरी खनन हो रहा है.

उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत की बजरी खनन पर रोक के बाद भी अवैध रूप से बजरी खनन जारी है. प्रशासनिक निगरानी के अभाव में खनन माफियाओं के हौसले काफी बुंलद है. जिस वजह से दिन के उजाले में भी बजरी माफिया अवैध रूप से ट्रैक्‍टरों के जरिए निर्माण स्‍थलों पर बजरी पहुंचा रहे है. खबरों के अनुसार जिले में सुमेरपुर और शिवंगज के बीच बहने वाली जवाई नदी में बजरी का अवैध खनन सबसे अधिक हो रहा है. इसके अतिरिक्त सुमेरपुर उपखण्‍ड क्षेत्र की सभी नदियों में अवैध बजरी खनन का काम जोरों पर है.

आपको बता दें कि हाल ही में सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर उपखंड के बिलोली नदी और श्यामोली बनास नदी के निकट अवैध बजरी के विरुद्ध कार्रवाई की थी. इस दौरान लगभग 31 हजार टन बजरी जब्त की गई. जिला कलेक्टर सत्यपाल सिंह के निर्देशन पर चलाई गई मुहीम के दौरान मलारना डूंगर एसडीएम मनोज वर्मा के साथ राजस्व, माइनिंग, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.

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