बिहार में महामारी बना 'चमकी बुखार', सुप्रीम कोर्ट ने नितीश सरकार से माँगा जवाब

Jun 24 2019 02:05 PM
बिहार में महामारी बना 'चमकी बुखार',  सुप्रीम कोर्ट ने नितीश सरकार से माँगा जवाब

नई दिल्ली: बिहार में महामारी का रूप ले चुका 'चमकी' बुखार यानि एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के प्रकोप से बच्चों को बचाने और तत्काल विशेषज्ञों की मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर शीर्ष अदालत पर केंद्र, बिहार और यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है. तीनों सरकारों को 7 दिनों में शीर्ष अदालत में रिपोर्ट दायर करनी होगी. मामले की अगली सुनवाई 10 दिनों के बाद होगी.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की अवकाशकालीन पीठ वकील मनोहर प्रताप की तरफ से दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है. दरअसल, याचिका में 'चमकी' बुखार को लेकर बिहार की नितीश कुमार सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को विशेषज्ञों की एक मेडिकल बोर्ड गठित कर उसे तुरंत बिहार के मुजफ्फरपुर व अन्य प्रभावित इलाकों में भेजने का निर्देश देने की मांग की गई है. 

इसके अतिरिक्त केंद्र और बिहार सरकार को 500 आइसीयू ऐसे 100 मोबाइल आइसीयू भेजने का निर्देश देने के लिए भी कहा गया है, जो कि विशेषज्ञों से लैस हों जिससे दूर दराज के क्षेत्रों में प्रभावितों को इलाज उपलब्ध कराया जा सके. इसके साथ ही याचिका में नितीश सरकार को विशेष परिस्थितियों के मद्देनज़र एक आदेश जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसमें प्रभावित क्षेत्रों के प्राइवेट अस्पतालों को मुफ्त में उपचार करने को कहा जाए.

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