जाट आरक्षण आंदाेलन में आया नया मोड, सर्वखाप के सामने विवाद पर फैसला

जाट आरक्षण आंदाेलन में आया नया मोड, सर्वखाप के सामने विवाद पर फैसला

चार साल पहले फरवरी 2016 में हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के परिवार ने जाट आरक्षण आंदोलन में रोहतक स्थित उनकी कोठी व अन्य संस्थान जलाने के सभी आरोपितोंं को माफ कर दिया है. इस संबंध में जींद की जाट धर्मशाला में सतरोल खाप की पहल पर 108 खापों की महापंचायत हुई. खापों की पहल पर महापंचायत में सभी आरोपितों ने सर्वखाप को माफीनामा देकर सिंधु निवास पर हमला, लूटपाट और आगजनी को लेकर प्रत्यक्ष एवं परोक्ष भूमिका, गलती या भूल चूक के लिए माफी मांगी.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन आरोपियों की तरफ से बलियाना के पूर्व सरपंच योगानंद ने माफी मांगी और कहा कि समाज का फैसला उन्हें मंजूर होगा. इस पर 21 सदस्यीय कमेटी ने भी घटना की निंदा की और आगजनी को रोकने में विफल रहने पर खुद को भी दोषी मानते हुए सामूहिक रूप से 11 हजार रुपये गोशाला में देने का जुर्माना लगाकर सामाजिक तौर पर विवाद का समाधान कर दिया.

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इस मामले को लेकर कैप्टन अभिमन्‍यु के बड़े भाई वीरसेन ने कहा कि खापों ने जो फैसला लिया है, वह उनके परिवार को मंजूर है. वीरसेन व सतरोल खाप ने इस जुर्माने को माफ कर दिया. सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान की अध्यक्षता में हुई. संचालन दादरी के निर्दलीय विधायक व सांगवान खाप के प्रधान सोमबीर सांगवान ने किया. अब कैप्टन परिवार कोर्ट से केस वापस लेगा.

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