अपनी निशानेबाज़ी से कई बार इतिहास रच चुकें हैं 'अभिनव बिंद्रा'

 भारत के शानदार शूटर 'अभिनव बिंद्रा' एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कई दफा इंटरनेशनल स्तर पर हिंदुस्तान का नाम अपने हुनर से रोशन किया है । रियो ओलम्पिक में भले ही अभिनव मामूली अंतर से पदक जितने से चूक गए थे, लेकिन अभिनव के खाते में कई पदकों की लिस्ट अब भी मौजूद है। वहीं आज अभिनव आज अपना जन्मदिन मना रहे है। आज ही के दिन यानी 28 सितंबर 1982 में उत्तराखंड में जन्में अभिनव  निशानेबाजी से संन्यास ले चुके है। तो चलिए अभिनव के जन्मदिन पर जाने उनके बारें में कुछ खास बातें...

14 साल की उम्र में ही कॉमनवेल्थ गेम्स में लिया हिस्सा- अभिनव बिंद्रा सिर्फ 14 वर्ष की आयु में ही मलेशिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम में पहली बार भाग लेने गए थे। अभिनव इसके साथ ही 2000 के सिडनी में हुए ओलम्पिक गेम में भी हिंदुस्तान की तरफ से सबसे कम आयु के प्रतियोगी भी थे।  

20 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला पहला स्वर्ण पदक-  वर्ष 2002  के कॉमनवेल्थ गेम में अभिनव बिंद्रा ने ओलम्पिक में प्रथम गोल्ड मेडल जीता था। सिर्फ 20 वर्ष की ही आयु में ही उन्हें यह इंटरनेशनल सफलता मिली थी।  
 
शुरू हुआ पदकों का सिलसिला- अभिनव के लिए 2002 में मेडल की शुरूआत ही हुई थी। जिसके उपरांत उनके मेडल का सिलसिला बढ़ता ही चला गया। उन्होंने 2006 के मेलबर्न, 2010 में दिल्ली और 2014 में ग्लासगो  के कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड मेडल को भी अपने नाम कर लिया।उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल (पेयर) में गोल्ड मेडल हासिल किया था। अभिनव जागरेब वर्ल्ड चैंपियनशिप 2006 में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। 

2008 में रचा इतिहास- अभिनव प्रथम भारतीय हैं जिन्होंने ओलम्पिक के 10 मीटर राइफल इवेंट के एकल स्तरीय गेम में गोल्ड मेडल जीता था। 2008 में बीजिंग में हुए ओलम्पिक में उन्होंने यह ख़िताब अपने नाम कर लिया।  ओलंपिक के 116 सालों के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय ने किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था।

IPL 2021: SRH और RR के मुकाबले से पहले जाने मैच की पिच और मौसम का हाल

IPL 2021: KKR पर रोमांचक जीत दर्ज कर बोले CSK के कप्तान धोनी- हम अच्छा नहीं खेले लेकिन...

IPL 2021 के दौरान धोनी की टीम के इस धुरंधर खिलाड़ी ने किया सन्यास का ऐलान

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -