सोम प्रदोष व्रत : विधि विधान से करें शिवजी का पूजन, बनेंगे काम

हिन्दू पंचांग के अनुसार आज यानी 25 जून को सोमप्रदोष है जिसमें भगवान् शिव का पूजन कर उन्हें आप प्रसन्न कर सकते हैं. प्रदोष में हर दिन का एक अलग महत्व होता है जिसके अलग अलग मतलब भी होते हैं. वैसे ही तिथि के अनुसार आज सोमप्रदोष है जो सभी फल देने वाला होता है. इस दिन आप विधि विधान से शिव पार्वती का पूजन कर उन्हें अपनी मनोकमना पा सकते हैं. ये व्रत भक्तों को सकारात्मक बनाता है और ईश्वर पर विश्वास दृढ होता है. तो आइये आपको बता दें कैसे किया जाता है सोमप्रदोष का व्रत और उसका क्या विधान है.

सोम प्रदोष के दिन सुबह जल्दी उठाकर स्नान कर लें और अपने घर के मंदिर में भगवान् शिव का पूजन करें. उसके पहले पुरे घर को शुद्ध कर लें और पूजा में मन लगायें और साथ ही दिन भर शिव मंत्र पढ़ें. आपको बता दें सूर्यास्त होने के लिए तीन बार पूजन करना चाहिए. खास तौर पर प्रदोष व्रत का पूजन शाम के 4:30 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे के बीच की जाती है.

पूजन करने के लिए व्रत करने वाले को दो बार स्नान करना चाहिए और शाम का पूजन करना चाहिए. पूजन के दौरान आप श्वेत वस्त्र धारण कर सकते हैं. इसे  ओर भी खास बनाने के लिए मंदिर में रंगोली भी बना लें और पूजा का सामान एक साथ रख कर सब शुद्ध कर पूजन स्नान कर सकते हैं और ध्यान लगायें. इससे आपकी सभी मनोकामना पूरी होगी.

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