आखिर क्यों चश्मा पहनने वालों को कोरोना संक्रमण का ख़तरा है कम ?

आखिर क्यों चश्मा पहनने वालों को कोरोना संक्रमण का ख़तरा है कम ?

COVID-19 वायरस महामारी के चलते भारत तथा पुरे विश्व पर बहुत प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही व्यक्तियों की जीवनशैली ही परिवर्तित हो गई है। इस वायरस को हराने के लिए पुरे विश्व में कई शोध किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में एक शोध में खुलासा हुआ है कि चश्मा पहनने वाले व्यक्तियों को कोरोना के संक्रमण का संकट कम हो सकता है, क्योंकि वायरस आंखों के जरिये भी बॉडी में प्रवेश करता है। यह शोध चीन के सुइझोउ प्रांत में किया गया है। इस शोध में कोरोना के 276 संक्रमितों को सम्मिलित किया गया था।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, उन्होंने इस विषय पर गंभीरता से विचार किया तथा परिकल्पना करने का प्रयास किया कि चश्मा किस प्रकार से आंखों के लिए लाभदायक अथवा आंखों को हतोत्साहित करता है। इस शोध से पता चला है कि नार्मल लोग अनजाने में प्रति घंटे लगभग 10 बार अपनी आंखों को छूते हैं। आंखें ईश्वर का अनुपम आशीर्वाद है जो बहुत कोमल तथा नाजुक होता हैं। आंखों में सुरक्षा की कमी होती है, जिससे कोरोना का संकट ज्यादा रहता है।

वही इस शोध में पाया गया है कि SARS-CoV-2 रिसेप्टर एंजियोटेनसिन-परिवर्तित एंजाइम 2  नेत्र सतह पर भी रहता है। इस जरिये SARS-CoV-2 बॉडी में प्रवेश कर सकता है। इसके अतिरिक्त  SARS-CoV-2 नाक की नलिका तथा आंसू के जरिये भी बॉडी में पहुंच सकता है। इनसे श्वसन COVID-19 संक्रमण हो सकता है। तत्कालीन में उपलब्ध आंकड़ें के मुताबिक, लगभग 1 से 12 प्रतिशत कोरोना मरीज ऑक्युलर मतलब आंखो के कारण संक्रमित हैं। COVID-19 वायरस के मरीजों के टेस्ट में कोरोना को आसुओं में पाया गया था। साथ ही इसकी पुष्टि नेत्र विशेषज्ञों ने की थी। साथ ही चश्मा पहनने वालो तक कोरोना आँखों के जरिये प्रवेश नहीं कर पाएगा।

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