ललिता देवी मंदिर में दर्शनमात्र से दूर हो जाते हैं रोग, जानिए नैमिषारण्य स्थित शक्तिपीठ के बारे में

नवरात्रि का पर्व हर साल मनाया जाने वाला पर्व है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं माता के ऐसे मंदिर के बारे में जहाँ दर्शनमात्र से हर रोग-व्याधि दूर हो जाते हैं। जी दरअसल हम बात कर रहे हैं 88 हज़ार ऋषियों की तपोभूमि के रूप में विश्व विख्यात नैमिषारण्य स्थित शक्ति पीठ माँ ललिता देवी की। कहा जाता है माता के दर्शन करने के लिए नवरात्र में लोगों का तांता उमड़ रहा है।

जी दरअसल यहां इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि यहाँ पर मां ललिता देवी हर मनोकामना करती हैं। जी हाँ और इसी के चलते नवरात्र के दिनों में यहां लोगों का तांता लगा रहता हैं और लोग यहां पर विभिन्न प्रकार के आयोजनों को करके मनोकामना भी मांगते है। मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित नैमिषारण्य जोकि विश्व का केंद्र भी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान् ब्रह्मा जी का चक्र गिरा था, इस वजह से इसे चक्रतीर्थ के नाम से जाना जाता हैं। नवरात्र के दिनों के अलावा भी यहां पर लोग स्नान करके मां ललिता देवी के दर्शन करने आते है। काफी दूर-दूर से आये लोग यहां पर अपने बच्चो का मुंडन कराने के लिए माँ के दरबार में जाते हैं। जी हाँ और कहा जाता है माँ के ड्राह्सण करने से हर रोग दूर हो जाते हैं। नैमिषारण्य में जो शक्तिपीठ है उसे मां ललिता देवी के नाम से जाना जाता हैं।

ऐसी मान्यता हैं कि कनखल में एक विशाल यज्ञ का आयोजन हुआ था जहां पर शिव के अपमान से सती माता ने अपना शरीर त्याग दिया था। जी हाँ और इससे माता सती के शरीर के 52 भाग हो गए थे सभी भाग अलग-अलग जगहों पर गिरे। मां का ह्रदय भाग नैमिषारण्य में गिरा और यह कहलाया मां ललिता देवी।

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