मोदी की राह पर शिवराज सिंह

Jan 14 2016 10:05 PM
मोदी की राह पर शिवराज सिंह

मोदी जब मुख्य मंत्री हुआ करते थे, उनके प्रबंधन की तारीफ हुआ करती थी। यही एक प्रमुख कारण भी रहा कि मोदी आज देश के प्रधान मंत्री है। भारतीय जनता पार्टी के ही शिवराज सिंह चौहान, मोदी के फोर्मूले पर काम करते लग रहे है। मोदी ने विकास के लिए कई देशो की लगातार यात्रा की और शायद आगे भी जारी रहे। इसी समीकरण को लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आगे बढ़ते हुए नज़र आ रहे। 
    
मोदी ने सभी देशो मे जा कर व्यापार की प्राथमिकता रखी। मोदी का विदेशो से आर्थिक गठबंधन नई व्यापार नीतियो के तहत ही आना था। वही शिवराज सिंह भी राज्य के विकास के लिए विदेश दौरा कर रहे है। उनके समीकरण मे भी राज्य के विकास का मार्ग, व्यापार और विदेशो से निवेश है। 

कई राज्य के मुख्य मंत्री केंद्र से निवेश न आने की बात करते है। इन सभी राज्यो का कहना होता है कि राज्य का विकास इसलिए नहीं हो पाया क्योकि केंद्र से पैसे नहीं मिले। शिवराज सिंह चौहान को केंद्र से पैसे कितने भी मिल रहे हो उन्होने विदेशी  निवेशको को एक वेकल्पिक मार्ग की तरह लिया है। मोदी के पड़ोसी राज्य के (भूतपूर्व) मुख्य मंत्री होने का एक सबक शिवराज ने बहुत ही अच्छे से लिया है। 

मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2016, हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2016, वाईब्रांट गुजरात, ग्लोबल समिट ऑन चंगिंग बिहार अब एक नीति बन चुकी है। यह इन्वेस्टर्स समिट नई तो नहीं है पर अब ज़्यादा रोशनी मे आगाई है।   यह भी कह सकते है कि मोदी के विदेश दौरो से अब इनमे रोनाक बढ़ गई है।   
 
सभी राज्यो मे इस अवसर का भरपूर उपयोग करने की होड लगी है। पहले विदेशो से निवेशक भारत मे आते थे पर अब विदेशो से निवेशक राज्यो मे आते है। राज्यो के बीच प्रतिस्पर्धा सम्मान करने योग्य है। निवेशको मे भारत का नक्शा होने के बजाए अब राज्यो का नक्शा होता है। प्राथमिकताए बदल गई है। सभी राज्य अपने अपने संसाधनों का प्रदर्शन करने मे पीछे नहीं हटते। 

अच्छा ही है कि घी थाली मे ही ढुल रहा है। 

'हिमांशु मुरार'