शेयर बाजार रहा पांच फीसदी मजबूत

May 28 2016 11:37 AM
शेयर बाजार रहा पांच फीसदी मजबूत

मुंबई : देश के शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में पिछले सप्ताह पांच फीसदी से अधिक तेजी रही. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 5.34 फीसदी यानी 1,351.70 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 26,653.60 पर बंद हुआ. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.25 फीसदी यानी 406.95 अंकों की तेजी के साथ 8,156.65 पर बंद हुआ.

सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयरों में पिछले सप्ताह तेजी रही. लार्सन एंड टुब्रो (17.25 फीसदी), भारतीय स्टेट बैंक (14.06 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (10.43 फीसदी), आईटीसी (8.94 फीसदी) और भेल (7.51 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही. सेंसेक्स के तीन शेयरों सिप्ला (6.62 फीसदी), ल्यूपिन (1.54 फीसदी) और ओएनजीसी (0.16 फीसदी) में गिरावट रही. बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही.

मिडकैप 2.94 फीसदी या 323.85 अंकों की तेजी के साथ 11,347.03 पर और स्मॉलकैप 1.34 फीसदी या 146.70 अंकों की तेजी के साथ 11,110.96 पर बंद हुआ. केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की उपब्धियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि उन्हें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक के इस साल संसद से पारित हो जाने की उम्मीद है. सरकार ने गुरुवार 26 मई 2016 को अपना दो साल पूरा किया है.

गत सप्ताह एक विदेशी ब्रोकरेज कंपनी ने भारतीय बाजार को अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले बेहतर बताया. कंपनी ने कहा कि जीएसटी के राज्यसभा से पारित होने की उम्मीद, दो साल के सूखे के बाद इस साल बेहतर मानसून की उम्मीद और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर घटाए जाने की उम्मीद के कारण भारतीय बाजार में अन्य उभरते बाजारों की तुलना में बेहतर रिटर्न की संभावना है.

निजी मौसम भविष्यवाणी कंपनी स्काईमेट ने मंगलवार 24 मई 2016 को मानसून की दूसरी भविष्यवाणी में कहा कि इस साल मानसूनी बारिश दीर्घावधि औसत का 109 फीसदी होगा. कंपनी ने पिछली भविष्यवाणी में मानसूनी बारिश दीर्घावधि औसत का 105 फीसदी रहने का अनुमान दिया था. कंपनी ने यह भी कहा कि मानसून के केरल में समय पर पहुंचने की भी स्थिति अनुकूल है.

स्काईमेट ने जून में मानसूनी बारिश के अनुमान को पूर्व घोषित दीर्घावधि औसत के 90 फीसदी से घटाकर 87 फीसदी कर दिया. वहीं जुलाई के लिए उसने अनुमान को 105 फीसदी से बढ़ाकर 108 फीसदी कर दिया. अगस्त महीने के लिए कंपनी ने अनुमान को 108 फीसदी से बढ़ाकर 113 फीसदी कर दिया और सितंबर महीने के लिए बारिश के अनुमान को दीर्घावधि औसत के 115 फीसदी से बढ़ाकर 123 फीसदी कर दिया.