अपने जीवन में जरूर उतार लें संत रविदास के यह दोहे, मिलेगा सुख ही सुख

Feb 19 2019 11:20 AM
अपने जीवन में जरूर उतार लें संत रविदास के यह दोहे, मिलेगा सुख ही सुख

दुनिया में सभी लोग इस बात से वाकिफ हैं कि सामाजिक जीवन में जाति व्यवस्था के अनुसार, निम्न जाति समझी जानेवाली जाति में जन्में संत रविदास को उनके विचारों और शब्दों ने उन्हें खूब प्रख्यात किया है. वहीं बड़े-बड़े साधु-संत, महात्मा यहां तक कि राजा-महाराज भी उनकी विद्वता से प्रभावित थे और उन्हें अपने घर बुलाया करते थे. अपनी कठौती से सोने का कड़ा निकाल देने वाले माने जाने वाले संत रविदास को कभी भी धन और माया का मोह नहीं रहा वह इन सभी से दूर रहे. तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं उनके वह दोहे जो आपको अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए.

दोहे-

# ब्राह्मण मत पूजिए जो होवे गुणहीन, पूजिए चरण चंडाल के जो होने गुण प्रवीन..

इसका मतलब है कि किसी को सिर्फ इसलिए नहीं पूजना चाहिए क्योंकि वह किसी पूजनीय पद पर बैठा है. यदि व्यक्ति में उस पद के योग्य गुण नहीं हैं तो उसे नहीं पूजना चाहिए. इसकी जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति है, जो किसी ऊंचे पद पर तो नहीं है लेकिन बहुत गुणवान है तो उसका पूजन अवश्य करना चाहिए.

# मन ही पूजा मन ही धूप, मन ही सेऊं सहज स्वरूप..

इसका अर्थ है निर्मल मन में ही भगवान वास करते हैं. अगर आपके मन में किसी के प्रति बैर भाव नहीं है, कोई लालच या द्वेष नहीं है तो आपका मन ही भगवान का मंदिर, दीपक और धूप है. ऐसे पवित्र विचारों वाले मन में प्रभु सदैव निवास करते हैं.

# रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच नकर कूं नीच करि डारी है, ओछे करम की कीच

इसका अर्थ है कोई भी व्यक्ति किसी जाति में जन्म के कारण नीचा या छोटा नहीं होता है. किसी व्यक्ति को निम्न उसके कर्म बनाते हैं. इसलिए हमें सदैव अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए. हमारे कर्म सदैव ऊंचें होने चाहिए.

# मन चंगा तो कठौती में गंगा’

इसका अर्थ है जिस व्यक्ति का मन पवित्र होता है, उसके बुलाने पर मां गंगा एक कठौती में भी आ जाती हैं.

# रैदास कहै जाकै हदै, रहे रैन दिन राम सो भगता भगवंत सम, क्रोध न व्यापै काम..

इसका अर्थ है जिस हृदय में दिन-रात बस राम के नाम का ही वास रहता है, ऐसा भक्त स्वयं राम के समान हो ता है. राम नाम की ऐसी माया है कि इसे दिन-रात जपनेवाले साधक को न तो किसी के क्रोध से क्रोध आता है और न ही कभी कामभावना उस पर हावी होती है.

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