पुण्यतिथि विशेष : छत्रपति संभाजी का इतिहास, देश और हिंदुत्व को समर्पित रहा जीवन

भारतीय इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज का भी काफी गहरा योगदान रहा है. उनका संपूर्ण जीवन देश और हिंदुत्व के लिए अपने पिता की तरह ही समर्पित रहा. बचपन से ही सम्भाजी ने अपने राज्य  की राजनीतिक समस्याओं का निवारण किया था और आगे चलकर वे देशभर के लिए प्रेरणा बन गए. संभाजी को उपनाम छवा और शम्भू जी राजे के नाम से भी जाना जाता है. छवा का मराठी में मतलब होता हैं शावक अर्थात शेर का बच्चा. वहीं शम्भू भगवन शिव का एक नाम है. वे भगवान शिव को आराध्य देव मानते थे.

संभाजी का जन्म 14 मई 1657 को पुरन्दर के किले में हुआ था, जबकि आज ही के दिन उन्होंने 1689 को अपने प्राण त्याग दिए थे. जहां महान राजा छत्रपति शिवाजी महाराज उनके पिता थे, तो उनकी माता का नाम सईबाई था. वहीं दादा शाहजी भोसले और दादी का नाम जीजाबाई था. छत्रपति संभाजी महाराज ने येसूबाई से विवाह किया था. 1689 में वाई के युद्ध में उनका महत्वपूर्ण योगदान था. संभाजी महाराज ने 2 वर्ष की उम्र में ही अपनी माँ को खो दिया था, इसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी दादी जीजाबाई ने किया था. 

विवादों से भी उनका नाता रहा है. सबसे चर्चित विवाद उनका अपने पिता से ही रहा था, अपने परिवार में पिता शिवाजी से विवाद होने पर उन्हें नजरबन्द किया गया और वहां से भाग वे निक्लौर मुगलों में जाकर शामिल हो गए. इसके बाद उन्होंने इस्लाम अपनाया. लेकिन मुगलों के अत्याचार के बीच वे दुखी होकर पुन: लौट चले. जब उन्होंने मुगलो की हिन्दुओ के प्रति नृशंसता देखी, तो उन्होंने मुगलों को नकार दिया. 

 

जाली क्रेडिट कार्डों से कर डाली 10 करोड़ की ठगी, यूपी एसटीएफ ने किया पर्दाफाश

राजस्थान में सेना ने एक और पाकिस्तानी ड्रोन किया ढेर

एयर स्ट्राइक पर बोली सुषमा, हमारे जवान आतंकियों को मारने गए थे, उनकी लाशें गिनने नहीं...

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -