राजनीति का हथियार बन गया है आरक्षण प्रावधान : डाॅ. भागवत

नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत ने संविधान में दिए गए आरक्षण के प्रावधान की समीक्षा की बात कही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरक्षण की जिसे आवश्यकता है उसे ही मिलना चाहिए। उन्होंने इसके राजनीतिक दुरूपयोग को रोकने की मांग की। मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डाॅ. भागवत ने सुझाव दिया है कि इस मामले में एक समिति बनाई जाए।

जिससे यह तय हो सके कि आखिर आरक्षण की किसे आवश्यकता है। डाॅ. मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य में इस बारे में अपना विचार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने आर्गेनाईजर में भी अपना रूख स्पष्ट कर दिया। मोहन भागवत ने कहा कि संविधान में सामाजिक तौर से पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण नीति की बात की जा सकती है। इसके व्यवहार में भी इसी तरह की बात की जाना चाहिए।

संविधान में बदलाव को लेकर भी उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों पर समीक्षात्मक चर्चा की जरूरत है। आरक्षण को राजनीति में वोट बैंक के लिए प्रयोग किया जा रहा है। यह एक हथियार बन गया है। यदि आरक्षण का व्यावहारिक प्रयोग सही होता तो वर्तमान में सामने आ रही परेशानी नज़र नहीं आती। इस मामले में उन्होंने कहा कि सभी सुखी हों ऐसा भाव आना चाहिए। देश के हित में ही हमारा हित है। इस तरह से समझकर चलना होगा। आंदोलन किए बिना ही समस्याओं को ध्यान में लाकर उनका हल निकालने की आवश्यकता है। 

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