दस हज़ार पानीपुरी से इस तरह बनाई गणेश प्रतिमा, लगा सौ घंटे का समय

Sep 16 2018 04:05 PM
दस हज़ार पानीपुरी से इस तरह बनाई गणेश प्रतिमा, लगा सौ घंटे का समय

पुणे : पूरे देश में फ़िलहाल गणेश उत्सव मनाया जा रहा है. देश के हर कोने में आपको हर तरह के गणेशजी दिखाई देंगे जो बेहद ही सुंदर होंगे और बहुत ही अनोखे भी. इसके अलावा हम आपको एक और गणेशजी के प्रतिमा बताने जा रहे हैं जिन्हें देखकर आप भी चकित रह जायेंगे. यह पर्व गणेश चतुर्थी से शुरू होता है तो अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है. बता दें गणेशजी की प्रतिमा हर तरह की देखी गई है जिसमें एक फ्रेंडली भी होगी और कुछ ऐसी भी होंगी जो पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं.

दरअसल, हम जिसकी बात कर रहे हैं वो किसी और चीज़ से नहीं बल्कि पानी पूरी से बनी हुई है. जी हाँ, हैरानी हो रही होगी कि ऐसे कैसे बन सकती है. पुणे में एक दुकान ने इको-फ्रेंडली थीम को ध्यान में रखते हुए गणपति की मूर्तियों को पानीपूरी से बनाया गया है. इस मूर्ति को बनाने में 10,000 पानीपूरी और बांस की डंडियों का इस्तेमाल किया गया है. इस मूर्ति को जिसने बनाया है उसके बारे में बता दें कि किस तरह उसे ये आईडिया आया. 

इस अनोखी प्रतिमा को बनाने वाला है गणेश भेल का मालिक रमेश गुडमेवर जिसका चाट का व्यवसाय है और उसी से ये  आईडिया आया कि इस तरह की मूर्ति भी बनाई जा सकती है क्योंकि उन्होंने पहले एक बार बिस्किट से बने गणेशजी देखे थे. रमेश ने इस पर कहा भी कि 'चूंकि हमारा चाट का व्यवसाय है इसी वजह से मुझे यह विचार सूझा. साल 2011 में हमने भेल की सामग्री से गणपति बनाया था. इस बार हमने इसे पानीपूरी से बनाने का सोचा.' 

बता दें, कलाकार प्रशांत सालुंके ने इस मूर्ति को डिजायन किया है. उन्होंने इस मूर्ति को करीब 10,000 पानी पूरी से बनाया है जिसे बनाने में पूरे 100 घंटे लगे हैं और लगातार काम करना पड़ा है. इसके लिए उन्होंने काफी सख्त पानीपूरी का इस्तेमाल किया है.

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