अधिकारियों को वेपर्दा होने से बचाने के लिए पुलिस ने संदीप को मारा है : परिजन

Feb 11 2016 08:04 AM
अधिकारियों को वेपर्दा होने से बचाने के लिए पुलिस ने संदीप को मारा है : परिजन

गुड़गांव : हाल ही मे मुंबई मे क्राइम ब्रांच द्वारा किए गए संदीप गाडौली के एनकाउंटर की खबर खूब सुर्ख़ियो मे रही थी लेकिन अब इस क्राइम मिस्ट्री ने एक नया मोड ले लिया है इस केस मे आए इस नए मोड का सबसे बड़ा कारण संदीप की डायरी है. जी हाँ ये डायरी कोई उसकी जीवनी या पर्सनल डायरी नहीं बल्कि यह वह डायरी है जिसमे वह लेने-देने का हिसाब लिखकर रखता था संदीप के परिजनो ने डायरी का हवाला देते हुए इस एनकाउंटर को मर्डर बताया है उनका कहना है कि बीते 4 अक्टूबर 2015 घर पर हुई छापेमारी के समय डायरी मिली और डायरियों में कई ऐसे पुलिस अधिकारियों के नाम मिले थेए जो संदीप से नियमित वसूली करते थे। डायरी को लेकर पुलिस में बेचेनी मची हुई थी। इन लोगो के गुनाहो से पर्दा न उठे इसलिए पुलिस ने उसे मार दिया। 

ये है परिवार का आरोप 
संदीप के परिजन का कहना है की संदीप को मुठभेड़ में मारे जाने की बात बिल्कुल गलत है। संदीप को पकड़कर पहले मारा पीटा गयाए जिससे उसके गर्दन की हड्डी टूट गई। उसके सिर व गर्दन पर चोट के निशान थे। बाद में उसकी पीठ पर पीछे से गोली मारी गई जो सीने को छेदती हुई निकल गई। उसके बाद पेट और पैर में एक गोली मारी गई। साथ ही उनका यह भी कहना है की पुलिस ने ही होटल के कैमरे हटाए। होटल के ग्राउंड फ्लोर के कमरा नंबर 107 में संदीप रुका था। जबकि यह कमरा मनीष के नाम से बुक था। सबसे पहले पुलिस ने इस फ्लोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे को हटाया ताकि सबूत नहीं रहे। साथ ही संदीप का एनकाउंटर भी क्यो किया गया जब उस पर पहले से चल रहे कई मुकदमे आज भी विचारधीन है जब उसे उनमे से किसी मे भी सजा नहीं सुनाई गई तो यह कैसे हो गया। 

क्राइम ब्रांच से मुंबई पुलिस भी नाराज 
क्राइम ब्रांच ने मुंबई की लोकल पुलिस को इस कार्रवाई में इन्वॉल्व किए तथा स्थानीय थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए बिना संदीप का एनकाउंटर किया। होटल मे जब संदीप को गोली मारी गई तब इसकी खबर सुनकर मुंबई पुलिस वहाँ पहुंची साथ ही खबर यह भी है की मुंबई पुलिस को क्राइम ब्रांच की टीम के पास से अवैध हथियार भी मिले । फिलहाल मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच से पूछताछ जारी है।