विकास की बयार से वोट बैंक की बहार

Jan 19 2016 07:30 PM
विकास की बयार से वोट बैंक की बहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगते रहे हैं कि मोदी अक्सर विदेशों की यात्राओं पर होते हैं ऐसे में उन्हें देश की सुध लेने का समय नहीं मिलता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्हें लोगों के बारे में भी सोचना चाहिए। कुछ इस तरह के आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगते रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात कहकर कि 15 वर्षों से जिनका कार्यकाल था उन्होंने असम का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी कुछ नहीं किया मगर वे मुझसे 15 मिनट में कार्य करने की उम्मीद कर रहे हैं, सभी को खामोश कर दिया।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के कोकराझार में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे। यहां उन्होंने युवाओं और कोकराझार के लोगों की प्रशंसा हासिल की। यूं तो प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही नाॅर्थ - ईस्ट के विकास को लेकर विचारमग्न रहे हैं। उनका कहना रहा है कि नाॅर्थ - ईस्ट को लेकर केंद्र सरकार ने अलग रणनीति बना रखी है जिसमें इसका विकास और यहां रोजगार का सृजन करने की बात शामिल है। मगर कोकराझार में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से विकासीय प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है।

वह यहां के मतदाताओं को रीझाने के लिए पर्याप्त लगती है। दरअसल कांग्रेस भारतीय राजनीति के अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। तो क्षेत्रीय दलों के अलावा यहां अन्य किसी दल का अधिक प्रभाव नहीं है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी को केंद्र में सत्तासीन होने का लाभ मिल सकता है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व से यहां की जनता बेहद प्रभावित है। कोकराझार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्युत प्रदाय को लेकर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किए जाने की बात कही।

कोकराझार केंद्रीय विश्वविद्यालय को डीम्ड कर इसके विकास और नवोन्मेष की बात भी उन्होंने की। पुलिस सेवा में युवकों की भर्ती के माध्यम से उन्होंने प्रदेश में रोजगार सृजन की बात कही है। यही नहीं उन्होंने यहां की ऐसी जनजाति को आरक्षण के दायरे में लाने के लिए इसे शेड्युल ट्राईप्स का दर्जा देने का प्रयास करने की बात कही है जो उग्रवाद प्रभावित रही है।

दरअसल असम माओवादियों से प्रभावित रहा है। कई बार पृथक बोडो लैंड की मांग भी की जाती रही है। सरकार की यह पहल इस तरह की मांगों को प्रभावहीन करने में कारगर साबित हो सकती है। राज्य में सड़कों के कुशल संजाल को लेकर भी प्रधानमंत्री ने बात कही है जो कि उनकी विकासवादी सोच को दर्शाती है। ट्रेन रूट को बढ़ाने की बात कर प्रधानमंत्री ने यहां के लोगों से लुभावना वायदा किया है। इस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की विकासवादी छवि को सभी के सामने रखा है।

ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव के लिए एक मजबूत जमीन तैयार हो सकती है हालांकि यहां भाजपा की सफलता राजनीतिक समीकरणों पर भी टिकी है मगर इस बात में संदेह नहीं है कि असम में इस वर्ष होने वाले चुनाव में मोदी लहर का असर होगा। 

'लव गडकरी'