किसानों और गांव के आर्थिक हालात को बदलेगी प्रधानमंत्री कृषि योजना

Feb 18 2016 03:11 PM
किसानों और गांव के आर्थिक हालात को बदलेगी प्रधानमंत्री कृषि योजना

शेरपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सीहोर के समीप शेरपुर पहुंचे। इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी किसान परिवार 5 किलोमीटर दूर भी कहीं बीच में अटक गए हैं। उन्हें भी मेरी ओर से नमन है। उन्होंने कहा कि वे मध्यप्रदेश के किसानों का अभिनंदन करने के लिए आए हुए हैं। वे उनका अभिनंदन करने के लिए आए हैं। करीब 10 वर्ष पूर्व भारत के कृषि क्षेत्र में नक्शे पर मप्र का नाम ही नहीं था। कृषि प्रधान राज्यों में पंजाब, हरियाणा आदि माने जाते थे लेकिन मध्यप्रदेश के किसानों ने अपनी सूझबूझ से, अपने परिश्रम से, नए - नए प्रयोगों से  सफलता प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि राज्य की कई कल्याणकारी योजनाओं के कारण और पानी की आपूर्ति पर बल देने के कारण मप्र कृषि में अग्रणी हुआ। सरकार और किसानों ने उसे अग्रणी बनाया। उन्होंने प्रदेश को कृषि प्रधान राज्य बनाए जाने को लेकर मिलने वाले अवाॅर्ड को लेकर राज्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे आज यहां आकर कृषि कर्मण अवाॅर्ड दे रहे हैं। यह बेहद खुशी की बात है।

यह अवार्ड मप्र के कोटि - कोटि किसान भाईयों को दे रहा हूं और उन्हें वंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि मप्र के किसानों ने फसल की पैदावार में कमी नहीं आने दी यह किसानों के पुरूषार्थ का ही फल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कहा कि मप्र में किसानों की बेहतर स्थिति का श्रेय शिवराज सिंह सरकार को जाता है। इस राज्य से फसल बीमा योजना का शुभारंभ करना बेहद सुखद लग रहा है।

उन्होंने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि सबसे पहले यह योजना अटल जी लेकर आए थे लेकिन बाद में सरकार बदलने पर यह योजना हतोत्साहित कर दी गई। किसान कई तरह के प्राकृतिक संकटों को झेलते हैं उसके बाद भी वे फसल बीमा योजना लेने के लिए तैयार नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ही एकमात्र ऐसी योजना है। 

जो किसानों को विपरीत परिस्थितियों में भी जोखिम उठाने को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि किसानों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अन्न के भंडार भर दिए। उन्होंने फसल बीमा योजना को लेकर बताते हुए कहा कि नुकसान होने के बाद भी किसान अकेला बीमा का हकदार होगा। उसके लिए यह जताने की आवश्यकता नहीं होगी कि अन्य का नुकसान हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि फसल कटने के बाद कटी फसल को बारिश या मौसम की मार से होने वाले नुकसान की भरपाई भी इस योजना से होगी।

इसके लिए फसल काटने के 14 दिन में बारिश या प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा मिलेगा। इस योजना में तकनीकी उपयोग होगा। दरअसल सर्वे कार्य में तकनीक का उपयोग होगा जिससे तत्काल 25 प्रतिशत की राशि किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान का बीमा योजना पर विश्वास नहीं रहा। मगर उन्होंने अपील की कि आप इस योजना पर भरोसा करें आपको लाभ होगा। उन्होंने कहा कि गांव की आर्थिक स्थिति में किस तरह से बदलाव लाया जाए, उस पर विचार हो।

हमने अपनी परंपरागत कृषि को भूला दिया है लेकिन अब यह प्रयास होना चाहिए कि आधुनिक कृषि और हमारे परंपरागत प्रयास मिलकर विकास करें। इसके लिए उन्होंने नेशनल एग्रीकल्चरल डिपार्टमेंट का पूरा ढांचा तैयार करने की बात भी कही। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि कोई भी किसान यह तय कर सकेगा कि मुझे यदि किसी एक स्थान पर या राज्य में उसे फसल नहीं बेचना है तो वह अन्य राज्य में फसल बेच सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गन्ना किसानों की बात करते हुए कहा कि देश में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की एक बड़ी परेशानी थी। जिसके लिए सरकार ने 18 माह में ही 1 हजार करोड़ रूपए से भी कम का भुगतान गन्ना किसानों का शेष रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान हो जाएगा। उनका कहना था कि यदि गन्ने से इथेनाॅल बनाकर इसे पैट्रोलियम इंधन में मिलाया जाए तो वाहन भी अच्छे चलेंगे, प्रदूषण भी कम होगा और कच्चे तेल की बचत भी होगी। इसके पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने पीएम मोदी का अभिनंदन किया। उन्हें एक सम्मान पत्र दिया और इसका वाचन किया। उन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में बैलगाड़ी की प्रतिकृति प्रदान की गई।