संसद में फिर बजेंगी मेजें, मचेगा शोर

Feb 04 2016 08:08 PM
संसद में फिर बजेंगी मेजें, मचेगा शोर

संसद के बजट सत्र के लिए दिनांक की घोषणा होने के बाद हर ओर चर्चा चल पड़ी है। आम आदमी उत्साहित है कि मोदी सरकार अपने दूसरे बजट में लोगों को क्या सौगात देने जा रही है क्या महंगाई कम हो सकती है तो दूसरी ओर नेता भी बजट को लेकर अपनी योजनाऐं बनाने में लगे हैं। हालांकि बजट सत्र में महत्वपूर्ण प्रावधानों पर अच्छा विचार हो सकता है लेकिन यह कहना कुछ मुश्किल है कि बजट सत्र के दौरान हंगामा न हो।

सत्ता पक्ष अपनी ओर से महत्वपूर्ण वित्तीय मसौदों को पटल पर रखने का प्रयास कर सकता है तो विपक्ष इसका विरोध कर सकता है। ऐसे में एक बार फिर संसद की कार्रवाई में बाधा आ सकती है। कुछ नेताओं द्वारा बजट सत्र में ही देश के हालात पर हंगामा मचाया जा सकता है तो विपक्ष जीएसटी के प्रावधानों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में नज़र आ सकता है। ऐसे में संसद के महत्वपूर्ण कार्य दिवस प्रभावित होंगे। 

जो संसद हंगामे के कारण जानी जाती है उसमें फिर हंगामा होगा और मूल कार्य नहीं हो पाएगा। बजट सत्र पर सद्भावनापूर्ण चर्चा होने को लेकर कुछ संशय बना हुआ है। सरकार को बढ़ती महंगाई के लिए विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। मगर सरकार भी दांव पेंच से उलझने से बचने के लिए जीएसटी को अपनी ढाल के तौर पर उपयोग कर सकती है। यही नहीं विपक्ष द्वारा कई मसलों पर सवाल उठाए जा सकते हैं। 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि विपक्ष हैदराबाद के केंद्रीय विश्वविद्यालय में दलित छात्र द्वारा की गई आत्महत्या को लेकर सवाल उठा सकता है। इस मसले पर केंद्र हंगामा भी कर सकता है लेकिन यह तय है कि सरकार रेल बजट और आम बजट पेश कर देगी मगर बजट के प्रावधानों के दौरान जीएसटी व अन्य वित्तीय बिलों के ही साथ हैदराबाद का मसला भी उठ सकता है। ऐसे में संसद की कार्रवाई में फिर गतिरोध होगा।

वह संसद जो अपनी अलग गरिमा के लिए जानी जाती है, वह संसद जहां देश के विभिन्न क्षेत्रों से चुने हुए प्रतिनिधि पहुंचते हैं और अपने क्षेत्र के विकास को लेकर कार्य करते हैं फिर हंगामे की भेंट चढ़ सकती है। रेल किराए को लेकर भी विपक्ष मोदी पर हमला कर सकता है। अपने संसदीय क्षेत्र को आधुनिक रेल सेवा देने के अलावा अन्य क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप पीएम मोदी पर भी लग सकता है। ऐसे में सरकार को हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।