तेल की कीमतों पर चिदंबरम का हमला

दिल्ली: तेल की कीमतों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है अब कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सवाल किया कि सरकार तेल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उसे जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाती? चिदंबरम ने कहा कि ताजा स्थिति सरकार की नीतिगत गलतियों और गलत फैसलों के कारण पैदा हुई है. चिदंबरम ने कृषि, जीडीपी, रोजगार सृजन, व्यापार और अर्थव्यवस्था के कुछ दूसरे मानकों के आधार पर सरकार को घेरा. पूर्व वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से देश में गुस्सा है. 

चिदंबरम ने कहा, 'अगर आप तेल को जीएसटी के अंदर लाते हैं तो इसकी कीमत कम हो जाएगी. केंद्र में बीजेपी सरकार है, अधिकतर राज्यों में भी वही हैं. ऐसे में राज्यों पर दोष क्यों डाला जा रहा है? उनके पास बहुमत है, उन्हें तेल को जीएसटी के अंतर्गत लाना चाहिए.' बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए चिदंबरम ने कहा कि अच्छे दिन के वादे के तहत हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया गया था, लेकिन कुछ हजार नौकरियां ही पैदा की गई. उन्होंने पूछा कि श्रम ब्यूरो के सर्वेक्षण (अक्टूबर-दिसंबर, 2017) का डेटा जारी क्यों नहीं किया गया. 

किसानों का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि किसान उनसे किए वादे पूरा न होने की वजह से प्रदर्शन कर रहे हैं. वह बोले, 'न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुताबिक उपज के दाम नहीं मिल रहे हैं. हर किसान जानता है कि लागत से 50 फीसदी से अधिक की बात जुमला है.' उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के सर्वेक्षण के मुताबिक 48 फीसदी लोगों ने माना कि अर्थव्यवस्था की हालत खराब हुई है. चिदंबरम ने कहा, 'विश्व स्तर पर अर्थव्यवस्था का असर कुछ हद तक देश की अर्थव्यवस्था पर होता है, लेकिन इन दिनों अमेरिका की अर्थव्यवस्था अच्छा कर रही है. यूरोप में स्थिति ठीक है. भारत में हमारी नीतिगत गलतियों और कुछ गलत कदमों की वजह से अर्थव्यवस्था की हालत खराब हुई है.' 

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