चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में मात्र तीन दिन शेष, पहली बार चाँद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा कोई विमान

Jul 12 2019 10:46 AM
चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में मात्र तीन दिन शेष, पहली बार चाँद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा कोई विमान

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग में अब केवल तीन दिन शेष हैं। टी तक़रीबन एक हजार करोड़ रुपये की लागत वाले चंद्रयान-2 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) एमके- III रॉकेट के जरिए 15 जुलाई को तड़के 02.51 मिनट पर अंतरिक्ष में भेजा जाना है। इसके लिए सात जुलाई (रविवार) को श्री हरिकोटा के लॉन्च पैड पर जीएसएलवी मार्क तीन को स्थापित कर दिया गया है।

इसरो ने आठ जुलाई को अपनी वेबसाइट पर चंद्रयान की तस्वीरें जारी की थीं। इसकी जानकारी देते हुए इसरो चीफ डॉक्टर के सिवान ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईएसटी) के सातवें दीक्षांत समारोह में कहा था कि चंद्रयान-2 को प्रक्षेपण यान के साथ एकीकृत किया गया है। अगर चंद्रयानpahl-2 से चांद पर बर्फ की खोज होती है तो भविष्य में यहां मनुष्य का प्रवास संभव हो सकेगा। 

जिससे यहां शोधकार्य के साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान में भी नई खोजों का रास्ता खुल सकेगा। लॉन्चिंग के 53 से 54 दिन बाद चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान- 2 की लैंडिंग होगा और अगले 14 दिन तक यह डेटा एकत्रित करेगा। के सिवान ने कहा कि, 'चंद्रयान-2 के माध्यम से इसरो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जा रहा है जहां आज तक कोई नहीं पहुंच सका है। अगर हम उस जोखिम को लेते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय को फायदा होगा। जोखिम और लाभ जुड़े हुए हैं।'

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