सायबर सुरक्षा कों लेकर ओबामा नें उठायें कदम

Feb 11 2016 08:17 AM
सायबर सुरक्षा कों लेकर ओबामा नें उठायें कदम

वाशिंगटन (एएफपी) : आज हर देंश सायबर हैकरों को लेकर परेशान हैं आज कई देशों कि सुरक्षा दाव पर लगीं हैं क्यूंकि इन हैकरों सें अभी भी पूरी तरह निजात नहीं पाया जा सका हैं| सायबर हैकरों सें दुनियाँ का सबसे शक्तिशाली देश भीं अछूता नहीं हैं देंश के सबसे ताकतवर देंश अमेरिका को भी सायबर सुरक्षा की  चिंता सतानें लगी हैं|

कल व्हाइट  हाउस में संवाददाताओं सें चर्चा करतें हुयें ओबामा नें कहा कि देंश कों सुरक्षित रखनें कें लियें बस हथियारों की हीं जरुरत नहीं हैं बल्कि हमें हर तरह सें अपनें सुरक्षा संसाधनों कों मजबूत करना होगा| आज ऑनलाइन सुरक्षा भीं बहुत अहम् हो गयी हैं| कुछ समय सें सायबर हैकर काफी सक्रिय हैं और इससे न सिर्फ हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा कों खतरा हैं बल्कि इससे हमारी आर्थिक सुरक्षा कों भीं खतरा हैं| जिससे निपटनें कें लियें हमें जल्द हीं कदम उठानें पड़ेंगे|

ज्ञात हों कि ओबामा नें यें फैसला अपने ख़ुफ़िया विभाग कें प्रमुख जेम्स क्लैपर कें कहनें पर लिया हैं| क्लैपर कें अनुसार  रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया यें वों देंश हैं| जों अमेरिका की सुरक्षा  तकनीक कों खतरें में डाल सकतें हैं | क्लैपर की चेतावनी कें बाद ओबामा नें तुरंत कदम उठायें तथा 'राष्ट्रिय कार्य योजना' नाम की एक योजना बना दी| जिसकें अंतर्गत सायबर हैकरों सें निपटनें कें तहत कार्य किया जायेगा|

ओबामा ने अपने बजट के अनुरोध में सायबर सुरक्षा के प्रयासों के लिए 19 अरब डॉलर की मांग की है। यह राशि मौजूदा स्तर से 35 प्रतिशत ज्यादा है। ओबामा नें बताया कि इस कार्यक्रम कें अंतर्गत सरकारी एजेंसियों में उपयोग होनें वालें कंप्यूटर  की मरम्मत भीं की जायेगी| ओबामा नें आगें बताया कि अमेरिकी एजेंसी आज भीं १९६० कें दशक कें कंप्यूटर उपयोग कर रही हैं| जों सुरक्षा कें लिहाज सें सहीं नहीं हैं 

ओबामा ने यें बाते पिछलें साल अमेरिकी एजेंसियों पर किये गये ऑनलाइन हमलों कों ध्यान में रखकर कहीं हैं|ओबामा नें कहा की यदि आपके पास पुराने तथा टूटे हुए सिस्टम हैं तों आप उनकीं मरम्मत कर सकतें हैं, उनसें सुरक्षा कि उम्मीद नहीं कर सकतें हैं|पिछले साल सायबर सुरक्षा का एक विधेयक भी पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य खतरों से जुड़ी जानकारी को बेहतर ढंग से साझा करना था।