कालसर्प दोष का भी होता है निवारण

Oct 06 2015 11:45 PM
कालसर्प दोष का भी होता है निवारण

इस संसार मे प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समस्या को लेकर परेशान रहता हे इसी के चलते किसी न किसी मानव के जीवन मे कालसर्प दोष की समस्या आती हे और व्यक्ति इससे बहुत दुखी व अन्न परेशानियों का सामना करता हे पर आप इस समस्या से घबराये मत इसके भी कुछ सरल उपाय हे. व्यक्ति के जीवन से जुड़ी हर समस्या का कोई न कोई हल जरूर होता है बस हमें नियम व संयम का पालन करना जरूरी होता है ।  

कहा गया हे कि जब राहु-केतु के बीच सातों ग्रह आ जाते हे तभी यह कालसर्प योग बनता है। इसकी वजह से ही संतान की प्राप्ति में अधिक बाधा आती है। इसी के चलते व्यक्ति बहुत से रोगों से पीड़ित रहता है। उसे अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कालसर्प दोष नामक विष से व्यक्ति का जीवन कष्टदाई हो जाताहै और वह अधिक परेशान होता हे यह दोष व्यक्ति के पूर्वजन्मों के पाप और श्राप के कारण भी आता है। जिसके कारण व्यक्ति की संतान नाश और सुख-समृद्धि नष्ट हो जाती है। 

इस कालसर्प दोष को शांत करने के लिए कुछ सरल व सामान्य उपाय आपको बताये जा रहे है । 

1. कालसर्प दोष का सबसे बड़ा एवं सीधा संबंध भगवान भोले नाथ से होता है ,इसीलिए कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को नित्य नियम के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-पाठ तथा आराधना करनी चाहिए उसे नित्य नियम से 'ऊँ नमः शिवाय' एवं महामृत्युंजय मंत्र का जप करना अतिआवश्यक है ।

2. एक सिद्ध किया गया कालसर्प योग यंत्र घर में लाकर उस यंत्र का पूजन कर एक ज्योति जलाकर भगवान शिव का ध्यान करें तथा 'ऊँनमः शिवाय' मंत्र का जाप करें ।

3. कालसर्प दोष से परेशान व्यक्ति को माह की दोनों पंचमी तिथि जो अमावस्या व पूर्णिमा के बीच आती हे उस दिन सवा किलो जौ को बहते जल में प्रवाहित करें । 

4. जातक अपने घर में मोर का पंख पूजा के स्थान मे आवश्य रखें तथा घर के बाहर चांदी से बना एक स्वास्तिक अवश्य लगाये ।

5. व्यक्ति को नागपंचमी के दिन व्रत रखने से और भगवान को दूध चढ़ने से भी यह दोष दूर हो जाता है और यदि संभव हो तो सर्पो को दूध भी पिलाये ।

6. सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिन दान आवश्य रूप से करे ।

7. व्यक्ति यदि प्रत्येक दिन नियम के साथ हनुमान जी की पूजा और पाठ करता है तो इस तरह के अलावा अन्य और भी समस्याओं से मुक्त हो सकता हे उसका जीन सुखद व शांति मे व्यतीत होगा ।

8. धार्मिक ग्रन्थों मे बताया गया हे कि भगवान रामजी के भ्राता लक्ष्मण को भी नागपाश से छुटकारा मिल गया इसके लिए व्यक्ति को सोलह सोमवार का व्रत करना चाहिये ।

9. यदि व्यक्ति श्रावण मास के सोमवारों का व्रत करता हे और इस मास में भगवान के शिवलिंग बनाकर पुजा अर्चना करता हे तो भी उसे इस दोष से छुटकारा मिल सकता है आपको रूद्राभिषेक करना चाहिये ।

10. यदि आप पलाश के फूल के चूर्ण को पानी में मिलाकर लगातार छै से एक वर्ष तक बुधवार के दिन स्नान करें तो भी कालसर्प दोष से शांति मिल सकती है ।

11. यदि आपकी जन्मकुंडली में कालसर्प योग होतो एक बड़ा शिवलिंग बनवाकर उसकी नित्य नियम से विधिपूर्वक से पूजा-पाठ आवश्य करें जिससे आपके जीवन में सुख शांती आयेगी व इस दोष से मुक्त हो जाएगे ।