नासा ने निकाली एक प्रतियोगिता, जिसमें मांगे कार्बन डाइऑक्साइड के नए सुझाव

नासा ने निकाली एक प्रतियोगिता, जिसमें मांगे कार्बन डाइऑक्साइड के नए सुझाव

वाशिंगटन : अमेरिकन अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने नए-नए अध्ययन के लिए कुछ ना कुछ करता ही रहता है. नासा चाँद के बाद, मंगल, बृहस्पति पर भी पहुँच चुका है जिसकी और भी जानकारी सामने आने वाली है. इसके अलावा आपको बता दें नासा ने एक प्रतियोगिता शुरू की है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड को उपयोगी तत्वों में बदलने के लिए कुछ नए उपाय चाहती है. इन उपायों से भविष्य में मंगल ग्रह पर अध्ययन करने में सुविधा रहेगी. 

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इसी को लेकर नासा ने अपने एक बयान में कहा है कि जब भी अंतरिक्ष यात्री मंगल पर अध्ययन करने जायेंगे तो उन्हें स्थानीय संसाधनों की आवश्यकता पड़ेगी. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि कार्बन डाइऑक्साइड ऐसा संसाधन है जो मंगल ग्रह के वातावरण के में काफी मात्रा में उपलब्ध रहता है. एजेंसी ने कहा कि नासा का नया 'सीओ2' कंवर्जन चैलेंज एक जन प्रतियोगिता है जिसमें 'सीओ2' को उपयोगी तत्व में बदलने का नया तरीका मिल जाए.

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नासा का ये कहना है कि वो इससे मंगल पर अच्छे से अध्ययन कर पाएंगे और अन्य पदार्थ को खोजने में काफी मदद भी मिलेगी. नासा प्रतियोगता के नतीजे अगले साल अप्रैल में घोषित करेगी जिसमें पांच टीमों में से प्रत्येक को 50,000 अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे. नासा मंगल ग्रह पर अब पहाड़ों की भी खोज करने के लिए तैयारी कर रहा है और इसमें बताया जा रहा है कि मंगल ग्रह पर सौर मंडल में सबसे ऊंची पहाड़ हैं जिनके बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी.

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