विकास ही है समस्याओं का समाधान - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

By Lav Gadkari
Aug 30 2015 11:54 AM
विकास ही है समस्याओं का समाधान - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी के माध्यम से देशवासियों से मन की बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई मन की बात का प्रसारण आॅल इंडिया के सभी रेडियो चैनल और दूरदर्शन के सभी चैनलों से किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्यारे देशवासियों आप सबको नमस्कार। फिर एक बार मन की बातें करने के लिए आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला है। इस दौरान उन्होंने ओणम और रक्षाबंधन के पर्व का उल्लेख करते हुए अपनी बात की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सामान्य व्यक्ति के लिए कई लाभकारी योजनाऐं प्रारंभ की हैं।

उन्होंने बहनों को सुरक्षा योजना दिए जाने का उल्लेख किया। रक्षाबंधन पर यह योजना दिए जाने से इसका लाभ माताओं और बहनों को मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना के 1 वर्ष पूर्ण होने पर खुशी जताई इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी तक करीब पौने अठारह करोड़ खाते खुले। उन्होंने कहा कि गरीबों ने बचत की और मैंने गरीबों की अमीरी देखी।

वर्तमान में सवालाख से भी अधिक बैंक वितरक देश में कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात में हिंसा की घटना हुई। इससे देशभर में पीड़ा पहुंचती है। उन्होंने कहा कि इस परिस्थति को रोकने में सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई यह 

बहुत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विकास ही हमारी समस्याओं का समाधान है। सभी को विकास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिमों द्वारा इस्लाम के सही प्रयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में विश्व के बौद्ध ज्ञानी बौद्ध गया में पहुंचेंगे। विश्वभर के विद्वानों के साथ बौद्ध गया जाने का अवसर मिल रहा है यह सौभाग्य की बात है।

उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल पर किसानों के किसी भी हित के सुझाव पर वे ध्यान देने के लिए तैयार हैं। लैंड बिल में सुधार की जो बात राज्यों और सभी की ओर से आई उस पर अमल किया जा रहा है। गांवों में विद्युत प्रदाय की व्यवस्था करना है विकास कार्य करना है तो अफसर शाही के नखरों को निकालना होगा। किसान को भ्रमित और भयभीत किया जा रहा है। किसान भयभीत और भ्रमित न हों। किसानों को भयभीत तो कतई नहीं होना चाहिए।

उन्होंने एक आॅर्डिनेंस जारी किए जाने की बात करते हुए कहा कि 31 अगस्त को यह आॅर्डिनेंस समाप्त हो जाएगा। इस आॅर्डिनेंस में 13 बिंदू लाए गए लेकिन विवादों के कारण यह मामला उलझ गया। इससे किसानों का लाभ होना था। इन्हें नियमों के तहत आज से ही लागू किया जा रहा है जिससे किसान की आर्थिक हानि न हो। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जय जवान जय किसान नारा नहीं मंत्र है। इसलिए किसान के हित में कार्य किया जाएगा। 

दो दिन पूर्व 1965 के युद्ध को 50 वर्ष पूरे होने को लेकर उन्होंने कहा कि इस युद्ध की याद आते ही पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादु शास्त्री की याद ताज़ा हो जाती है। उन्होंने युद्ध वीरों को नमन करते हुए कहा कि इतिहास की इन घटनाओं से प्रेरणा लेने की जरूरत है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत अच्छे कार्य कर रहा है। हमारे वैज्ञानिक उत्तम प्रकार के कार्य कर रहे हैं। सिद्धांतों को करोड़ों में कैसे तब्दील करे। लैब को लैंड के साथ किस तरह से जोड़ा जाए वैज्ञानिक इस बात का विचार करें।

उन्होंने मन की बात में कहा कि नौजवान विज्ञान के प्रति रूचि लें और शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों की रूचियों को बढ़ाऐं । उन्होंने स्कील डेवलपमेंट और शिक्षा के विकास पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने उन्हें मिले सुझावों का उल्लेख करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि निचले स्तर की नौकरी के लिए आखिर इंटरव्यू क्यों हो। निचले स्तर पर भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए इंटरव्यू की परंपरा को कम किया जा रहा है। इंटरव्यू के चक्कर से छोटी छोटी नौकरियां छूट जाएगी इससे भ्रष्टाचार मिटेगा।

उन्होंने कहा कि विश्व के देशों के लोग मातृ - शिशु मृत्यु दर और प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा करने एकत्रित हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की सराहना हो रही है। भारत को अभी भी हमारे नवजात और माताओं को बचाना है। इस दिशा में काम करने की जरूरत है।

उन्होंने स्वच्छ भारत की बात करते हुए कहा कि डेंगू से बचाने के लिए हमें घर में पानी के रखरखाव पर ध्यान देना होगा। घर में पानी भरा न हो। मौत को इतना सस्ता न बनने दें। जिंदगी बहुत मूल्यवान है। पानी की निकासी सही तरह से हो। देश में इन दिनों डेंगू का जोर है। समय रहते जांच करवाना आवश्यक है। स्वच्छता को महत्व देना होगा। हर उत्सव को स्वच्छता के साथ जोड़ना होगा। इससे संस्कार स्वभाव बन जाऐंगे। हमें देश के लिए जीने का सौभाग्य मिला है। देश के दो नौजवान डाॅ. उपेंद्र और डाॅ. महेंद्र की उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका में रेस एक्राॅस अमेरिका में भाग लेकर इन भाईयों ने इसमें विजय प्राप्त की और देश का सम्मान बढ़ाया।

जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। उनका कहना था कि ये आदिवासियों को आगे बढ़ाने के लिए अपना प्रयास कर रहे हैं और इसी के लिए उन्होंने सायकल रेस का अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सायकल के संचालन को पर्यावरण के लिए आवश्यक बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डाॅ. बाबा साहेब आंबेडकर के लिए भव्य दीव्य और प्रेरक स्मारक बनाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंदन स्थित बाबा साहेब के निवास को स्मारक बनाने से यह हमारे लिए एक प्रेरणा स्त्रोत होगा। उन्होंने इस कार्य के लिए भारत सरकार का साधुवाद दिया। उन्होंने देशवासियों से जनभागीदारी और देश के विकास के लिए एकजुट होने की अपील की।