आखिर क्यों करते हैं माघ पूर्णिमा पर व्रत, जानिए यहाँ

आप सभी को बता दें कि हिन्दू पंचांग में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है और माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान करने से व्यक्ति के सारे पाप मिट जाते हैं ऐसा कहा जाता है. आप सभी को बता दें कि इस बार माघ पूर्णिमा 19 फरवरी 2019, मंगलवार 01:11 बजे से शुरू होगी और 19 फरवरी 2019, मंगलवार 21:23 बजे समाप्त हो जाएगी. ऐसे में आज हम आपको सुनाने जा रहे हैं इससे जुडी वह कथा जिसे सुनने मात्र से बहुत बड़ा लाभ होता है और आप जो मनोकामना करते हैं वह पूरी हो जाती है. आइए जानते हैं कथा.

माघ पूर्णिमा व्रत कथा पौराणिक कथा- नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्मण रहते थे, लेकिन वे काफी लालची थे. इनका लक्ष्य किसी भी तरह धन कमाना था और ऐसा करते-करते ये समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगे और कई बीमारियों की चपेट में आ गए. इस बीच उन्हें अंर्तज्ञान हुआ कि उन्होंने पूरा जीवन तो धन कमाने में बीता दिया, अब जीवन का उद्धार कैसे होगा.

इसी क्रम में उन्हें माघ माह में स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद आया. इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण नर्मदा नदी में स्थान करने लगे. करीब 9 दिनों तक स्नान के बाद उऩकी तबियत ज्यादा खराब हो गई और मृत्यु का समय आ गया. वे सोच रहे थे कि जीवन में कोई सत्कार्य न करने के कारण उन्हें नरक का दुख भोगना होगा, लेकिन माघ मास में स्नान के कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई.

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