इंदौर की दुष्कर्म पीड़िता को अदालत ने दी गर्भपात की इजाजत

May 28 2019 03:16 PM
इंदौर की दुष्कर्म पीड़िता को अदालत ने दी गर्भपात की इजाजत

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में अपहरण करने के बाद सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई युवती को हाई कोर्ट ने गर्भपात कराने की इजाजत दे दी है. दरअसल, युवती के साथ हुए दुष्कर्म के बाद जब परिजनों को युवती के गर्भवती होने पता लगा तो उन्होंने युवती के भविष्य के मद्देनज़र उच्च न्यायालय से युवती के गर्भपात के लिए अनुमति मांगी थी, जिसके बाद ग्रीष्मकालीन खंडपीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए गर्भपात की इजाजत दे दी. युवती के परिजनों ने जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ के सामने अर्जी दाखिल की गई थी. 

युवती की तरफ से अधिवक्ता धमेंद्र चेलावत ने अदालत को कहा कि युवती के सामने उसका पूरा भविष्य पड़ा है. पढ़ाई, नौकरी से लेकर विवाह तक बाकी है. ऐसे में दुष्कर्म के बाद वह शिशु को जन्म देगी, तो उसे समाज स्वीकार नहीं करेगा. उच्च न्यायालय ने याचिका दाखिल होने के बाद मेडिकल बोर्ड गठित किया था. बोर्ड ने उच्च न्यायालय को रिपोर्ट दी कि युवती को नौ हफ्ते का गर्भ हो चुका है. इस स्थिति में गर्भपात करा दिया जाए तो युवती की जान को कोई संकट नहीं होगा.

इस रिपोर्ट को देखने के बाद उच्च न्यायालय ने आदेश देते हुए यह भी कहा है कि गर्भपात के बाद भ्रूण का डीएनए संभालकर रखा जाए. दरअसल, दुष्कर्म और अपहरण के मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में चल रही है. जिसके चलते इस मामले में सबूत के तौर पर डीएनए रिपोर्ट काम आ सकती है और इसी के मद्देनज़र अदालत ने भ्रूण का डीएनए संभालकर रखने के निर्देश जारी किए हैं. ताकि भविष्य में अगर किसी भी तरह से किसी सबूत की आवश्यकता हो तो डीएनए का उपयोग किया जा सके.

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