जानिए कब हुई थी खेल रत्न पुरस्कार की शुरुआत?

खेलों की जगत में भारत का सर्वोच्च सम्मान खेल रत्न अब पूर्व पीएम राजीव गांधी के नाम से नहीं जाना जाएगा। उनके स्थान पर अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर यह अवार्ड होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस सिलसिले में ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि बहुत से व्यक्तियों का निवेदन प्राप्त होने के पश्चात् यह निर्णय लिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बारे में ऐलान करते हुए कहा, ‘खेल रत्न को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार बोला जाएगा।’ देशभर में इस निर्णय का स्वागत किया गया है। मगर क्या आपको पता है कि देश में खेल रत्न पुरस्कार का आरम्भ कब हुआ था? खेल रत्न पाने वाले पहले खिलाड़ी कौन थे? आइए हम आपको इस बारे में सब कुछ बताते हैं।

इस वर्ष हुआ आरम्भ:-
खेल रत्न पुरस्कार का आरम्भ वर्ष 1991-92 में हुआ। भारत में खेल के क्षेत्र में यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। 

ये थे पहले विजेता:-
शतरंज के खेल में इंटरनेशनल मंच पर देश का नाम रोशन करने वाले विश्वनाथन आनंद पहले ऐसे खिलाड़ी थी, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

जब एक से ज्यादा बने विजेता:-
आमतौर पर यह अवार्ड किसी एक ही खिलाड़ी को ही दिया जाता है। लेकिन ऐसे भी कई अवसर रहे, जब एक से अधिक खिलाड़ियों को इसके लिए चुना गया। 1993-94, 2002, 2009, 2012, 2016, 2017, 2018, 2019 तथा 2020 में एक से अधिक खिलाड़ियों को खेल रत्न पुरस्कार दिया गया। 

कौन थे पहले क्रिकेटर:-
खेल रत्न पाने वाले पहले क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर थे। 1997-98 में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें यह अवार्ड दिया गया। तत्पश्चात, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली तथा रोहित शर्मा को यह अवार्ड प्राप्त हो चुका है।

क्या मिलता है इनाम:-
खेल रत्न पुरस्कार विनर को सरकार की तरफ से मेडल, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये की राशि इनाम के रूप में मिलती है। अब तक कुल 45 खिलाड़ियों को इस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

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