केरलवासियों ने बचाई नवजात की जान, सोशल मीडिया पर चलाया अभियान

केरल। केरल में महज 31 दिन की एक नवजात बच्ची फातिमा की जान लोगों के प्रयास से बच गई। जब ऐसा हुआ तो बच्ची के परिजन की जान में जान आ गई। नवजात बच्ची को कन्नूर पारियराम मेडिकल काॅलेज से तिरूवनंतपुरम के श्री चित्रा इंस्टीट्युट में भर्ती करवाया जाना था। मगर घर से इस संस्थान की दूरी बेहद अधिक थी। घर से हाॅस्पिटल का रास्ता 514 किलोमीटर दूर था।

इस दूरी को तय करने में, 14 घंटे का समय लग जाता। वायु मार्ग से बच्ची को ले जाना संभव नहीं था। यदि ऐसा होता तो, शायद बच्ची के स्वास्थ्य पर असर हो सकता था। ऐसे में उसे सड़क मार्ग से ही, चिकित्सालय तक ले जाया गया। इस कार्य में राज्य के लोगों ने सहयोग किया। जिसके चलते महज 6 घंटे 50 मिनट में सफर पूरा कर लिया गया। करीब 58 दिन की फातिमा लवीना को गंभीर हालात में कन्नूर पारियराम मेडिकल काॅलेज में भर्ती करवाया गया।

यहां से उसे तिरूवनंतपुरम के श्री चित्रा इंस्टीट्युट में भर्ती करवाया गया था। बच्ची को बचाने के लिए, व्हाट्सएप से एंबुलेंस के नंबर सभी ओर भेजे गए। एंबुलेंस में जो लोग सवार थे वे, अपनी लोकेशन सोशल मीडिया पर सेंड कर रहे थे। ऐसे में एंबुलेंस को पहले से ही रास्ते पर जाम या अधिक ट्रैफिक का सामना नहीं करना पड़ा। लोग स्वयं सेवक के तौर पर सामने आए और, सभी ने बीमार बच्ची के परिजन की सहायता की। एंबुलेंस में जो मेडिकल स्टाफ शामिल था उन्होंने सभी को सहायता करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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