'पर्यावरण संरक्षण' से सम्बंधित जोक

'पर्यावरण संरक्षण' से सम्बंधित जोक
1. चमेली (प्रेमसुख से) - यह पुरस्कार तुम्हें तभी मिल सकता है, जब तुम पर्यावरण प्रेमी या पशु प्रेमी होने का कोई प्रमाण दोगे। 
 
प्रेमसुख - हां, जरूर! देखो, मैंने यह दोनों काम तो कल ही कर दिए है। ...कल ही मैंने एक बगीचे में पांच पौधे लगाएं। 
चमेली - यह तो पर्यावरण प्रेम हुआ, ... और पशु प्रेम?? 
प्रेमसुख - यही कि पंद्रह मिनट बाद ही सारे पौधे बकरियों के खाने के काम आए गए.
 
 
 
 
2. घोंचू ने पोंचू से कहा - सर का मैसेज आया है, कल सुबह दस बजे क्‍लास है।
पोंचू - मैसेज सैंडिग फेल्ड लिख कर उन्हें वापस भेज दें।
 
 
 
 
3. एक बार अनपढ़ घोंचूजी की एक लाख की लॉटरी निकली.
वे टिकट लेकर लॉटरी वाले के पास गए।.
लॉटरी वाले पोंचूजी ने नंबर मिलाया, वह सही था, तो उन्होंने घोंचूजी से कहा,
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"देखिए साहब! अभी मैं आपको सिर्फ एक हजार रुपए दे देता हूं.
बाकी के बचे रुपए आप अगले हफ्ते में ले जाइए."
इस पर अनपढ़ घोंचूजी बोले - नहीं, नहीं... मुझे तो सारे पैसे अभी-अभी चाहिए.
और अगर नहीं दे सकते हो तो मेरे टिकट से दस रुपए लौटा दीजिए.
 
 
 
 
4. जेलर- तुम्‍हे कल सुबह पांच बजे फांसी दे दी जाएगी.
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कैदी जोर से हंसने लगा. 
जेलर : हंस क्‍यों रहे हो?
कैदी : मैं तो उठता ही सुबह ग्यारह बजे हूं.