कोरोना वैक्सीन की बर्बादी में सबसे आगे झारखंड, केरल का काम सबसे बेहतर

Jun 10 2021 04:53 PM
कोरोना वैक्सीन की बर्बादी में सबसे आगे झारखंड, केरल का काम सबसे बेहतर

नई दिल्ली: केरल और पश्चिम बंगाल में मई माह में कोरोना वैक्सीन की बिल्कुल भी बर्बादी नहीं हुई,  साथ ही दोनों राज्यों में वैक्सीन की क्रमश: 1.10 लाख तथा 1.61 लाख खुराकें बचाई गईं है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोविड रोधी टीकों की सबसे अधिक 33.95 फीसदी बर्बादी झारखंड से दर्ज की गई है।

आंकड़ों के अनुसार, केरल में वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा - 6.37 फीसदी रहा, जबकि पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा -5.48 फीसदी दर्ज किया गया है। वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा माइनस (-) में होने का अर्थ टीके की प्रत्येक शीशी में मौजूद अतिरिक्त खुराक का भी उपयोग करना है। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ में 15.79 फीसदी वैक्सीन बेकार गई और मध्यप्रदेश में 7.35 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हुई। पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में क्रमश: 7.08 फीसदी, 3.95 फीसदी, 3.91 फीसदी, 3.78 फीसदी और 3.63 फीसदी और 3.59 फीसदी वैक्सीन व्यर्थ हुई।

बता दें कि भारत में 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के 38 फीसदी लोगों को सात जून तक वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी। त्रिपुरा में यह आंकड़ा 92 फीसदी, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में 65-65 फीसदी, गुजरात में 53 फीसदी, केरल में 51 फीसदी और दिल्ली में 49 फीसदी था। वहीं, तमिलनाडु में 19 फीसदी, झारखंड और उत्तर प्रदेश में 24-24 फीसदी और बिहार में 25 फीसदी दर्ज किया गया था।

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