लॉकडाउन के दौरान डॉक्टरों और पत्रकारों से हुए दुर्व्यवहार पर गरजे प्रकाश जावड़ेकर

लॉकडाउन के दौरान डॉक्टरों और पत्रकारों से हुए दुर्व्यवहार पर गरजे प्रकाश जावड़ेकर

बुधवार को मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि जरूरी सामान और दवाओं की दुकानें लॉकडाउन के दौरान पूरे 21 दिनों तक खुली रहेंगी. कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देने के क्रम में जावडेकर ने कहा कि लॉकडाउन को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कुछ रेजीडेंट वेलफेयर एसोशिएशनों द्वारा डॉक्टरों और पत्रकारों को बाहर नहीं निकलने या अपार्टमेंट छोड़कर जाने की चेतावनी देने के बारे में पूछे गए सवाल पर जावडेकर ने कहा कि ऐसी कृत्यों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए. जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहे इन्हीं योद्धाओं के लिए तालियां बजाई थीं.

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भारत सरकार वायरस को रोकने के लिए सोशल मीडिया के जरिये लोगों को घर पर रहने के लिए प्रेरित कर रही है. इसी कड़ी में सरकार ने लॉकडाउन के 21 दिनों के दौरान घर पर रहकर समय का सदुपयोग करने के कुछ उपाय सुझाए हैं. प्रेस इंफॉरमेशन ब्यूरो (पीआइबी) के ट्विटर हैंडल से लोगों को सुझाव दिया गया है, 'आज से शुरू हुए अगले 21 दिनों का इस्तेमाल साधारण नई आदतें विकसित करने में किया जा सकता है. मसलन सुबह जल्दी उठना, नया आहार अपनाना, ध्यान लगाना इत्यादि.' एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, 'ये 21 दिन सिर्फ अच्छी आदतों तक सीमित न रहें.. आप इनका इस्तेमाल बुरी आदतों को छोड़ने के लिए भी कर सकते हैं.' इसके अलावा लोगों को योग अथवा जर्मन भाषा सीखने की सलाह भी दी गई है.

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