पाक के बाद अब अलगाववादियों पर सरकार की कार्यवाही, जमीयत के बाद अब हुर्रियत का नंबर

श्रीनगर: विगत दो सप्ताह से देश में बने आतंक और युद्ध जैसे माहौल का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्र कि मोदी सरकार ने देश के अंदर और बाहर दोनों मोर्चों पर सख्त रुख अपना लिया है। भारत एक ओर जहां पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने में लगा हुआ है, वहीं पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से लगातार आतंकी संगठनों और उन्हें प्रोत्साहित करने वाले अलगवादियों पर भी शिकंजा कस रहा है। 

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जमात-ए-इस्लामी पर बैन लगाने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि मोदी सरकार अब ऐसे कुछ अन्य संगठनों पर भी सख्त कार्रवाई कर सकती है। केंद्र सरकार ने गैर-कानूनी और विध्वंसकारी गतिविधियों में संलिप्त होने की वजह से कश्मीर के कट्टरपंथी अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर गुरुवार को बैन लगा दिया है। इस संगठन पर कई विध्वंसक कार्रवाई में संलिप्त होने के आरोप हैं। इसके साथ ही कई आतंकी संगठनों से इसका ताल्लुक रहा है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की उच्च स्तरीय समिति की मीटिंग में इस  फैसला लिया गया था।

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मीटिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बैन लागू करने के आदेश जारी किए थे। जम्मू कश्मीरी में बीते एक सप्ताह के दौरान लगभग 500 जमात के कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब गिरफ्तारियों का दौर और तेज होने के साथ ही जमात के अन्य संस्थानों पर तालाबंदी भी शुरू हो जाएगी।

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