'मैं टूट चुका था...', सर्टिफिकेट केस में क्लीन चिट मिलने पर बोले समीर वानखेड़े

मुंबई: जाति प्रमाणपत्र की जाँच मामले में क्लीन चिट प्राप्त होने के कुछ घंटे पश्चात् NCP के पूर्व अफसर समीर वानखेड़े ने कहा कि उनके परिवार को निशाना बनाए जाने से वह आहत हैं। समीर वानखेड़े ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा के लिए लगा दी मगर उन्हें दुख इस बात का है कि उनकी मृत मां एवं परिवार के लोगों को भी नहीं छोड़ा गया। परिवार सदमे में था तथा मेरा मनोबल भी टूट गया था।

NCB के पूर्व अफसर समीर वानखेड़े को जाति प्रमाण पत्र मामले में क्लीन चिट मिल गई है। जाति प्रमाण पत्र को लेकर बीते एक वर्ष से विवाद चल रहा था। जिसे समाप्त करते हुए कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने स्पष्ट किया कि समीर वानखेड़े जन्म से हिन्दू थे। वानखेड़े ने अपने के इंटरव्यू में बताया, "मैंने अपना पूरी जिंदगी लोगों की सेवा के लिए काम किया है, मगर मुझे इस बात से दुख हुआ कि मेरी मृत मां समेत मेरे परिवार को नहीं छोड़ा गया।" उन्होंने कहा, "परिवार सदमे में था और मेरा भी मनोबल टूट गया था।"

गौरतलब है कि कमेटी ने वानखेड़े के जाति प्रमाण पत्र को भी बरकरार रखा है। 91 पन्नों के एक आदेश में, पैनल ने दोनों पक्षों से सबमिशन को हटा दिया था तथा फिर बोला था कि समीर वानखेड़े जन्म से मुस्लिम नहीं थे। समिति ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि समीर वानखेड़े और उनके पिता ज्ञानेश्वर वानखेड़े ने सनातन धर्म का त्याग नहीं किया था। आगे आदेश में बताया गया है कि समीर वानखेड़े और उनके पिता महार -37 अनुसूचित जाति के हैं जो हिंदू धर्म में मान्यता प्राप्त है।

श्रीलंका जैसी हो जाएगी बंगाल की स्थिति, TMC नेताओं को दौड़ा-दौड़कर मारेंगे लोग- दिलीप घोष

आजादी के 75वें वर्ष पर 75 घंटों का धरना देंगे राकेश टिकैत, सरकार से करेंगे ये मांग

अयोध्या की रामलीला में 3 भाजपा सांसद निभाएंगे अहम किरदार, विंदू दारा सिंह बनेंगे हनुमान

न्यूज ट्रैक वीडियो

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -