कर्ज के बोझ तले दबे अनिल अंबानी, जल्द दिवालिया हो सकती है एक और कंपनी

Sep 17 2019 02:09 PM
कर्ज के बोझ तले दबे अनिल अंबानी, जल्द दिवालिया हो सकती है एक और कंपनी

मुंबई: अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस की सहयोगी कंपनी ग्लोबल क्लाउड एक्सचेंज (GCX) लिमिटेड ने अमेरिका के एक अदालत में बैंकरप्सी प्रोटेक्शन की याचिका दायर की है। मतलब अब अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली एक और कंपनी जल्द दिवालिया घोषित हो सकती है। इससे अनिल अंबानी की दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं। कंपनी को 35 करोड़ डॉलर का एक भुगतान करना था, जिसमें नाकाम रहने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। 

इस कारण से क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने अंबानी की कंपनी की रेटिंग में भी कटौती कर दी थी। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि GCX के पास समुद्र के नीचे विश्व का सबसे बड़ा प्राइवेट केबल सिस्टम मौजूद है। इससे पहले जुलाई महीने में GCX ने कहा था कि उसने होल्डर्स के साथ एक अनुबंध किया था, जिसके तहत उसके बॉन्ड की मैच्योरिटी से जुड़े विकल्पों पर चर्चा के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इससे पहले रिलायंस कॉम्युनिकेशंस भी बैंकरप्सी की दायरे में आ गई थी। रिलायंस कम्युनिकेशन ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ) से 4,800 करोड़ रुपये का लोन लिया था। बैंक ऑफ बड़ौदा से RCOM ने 2,500 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

RCOM ने सिंडिकेट बैंक से 1,225 करोड़ रुपये, पंजाब नैशनल बैंक से 1,127 करोड़, चाइना डिवेलपमेंट बैंक से 9,900 करोड़, एक्जिम बैंक ऑफ चाइना से 3356 करोड़ और स्टेंडर्ड चार्टर्ड बैंक (मुंबई-लंदन) से 2100 करोड़ रुपये का लोन लिया था। मार्च 2018 में रिलायंस ग्रुप का कुल लोन 1.7 लाख करोड़ रुपये था। RCOM के अलावा समूह की चार कंपनियों पर भी बहुत अधिक देनदारी है। इस ऋण को चुकाने के लिए ही संपत्तियों को बेचा जा रहा है। रिलायंस कैपटिल पर 38,900 करोड़, रिलायंस पावर पर तीन हजार करोड़, रिलायंस इंफ्रा पर 17,800 करोड़ और रिलायंस इंजीनियरिंग पर सात हजार करोड़ रुपये की देनदारी है।

पेट्रोल और डीजल के भाव में आया बड़ा उछाल, जानें नई कीमत

विप्रो की पुनर्खरीद योजना में अजीम प्रेमजी ने बेचे इतने के शेयर

आपके घरेलू हवाई सफर पर सरकार की रहेगी नजर, जाने कैसे