अपने जीवन में जरूर अपनाए गुरु गोबिंद सिंह के ये 10 अनमोल विचार

गुरु गोबिंद सिंह का निधन 7 अक्टूबर को हुआ था और उन्हें सिखों के दसवें गुरु के रूप में पूजा जाता है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं गुरु गोबिंद सिंह के 10 अनमोल विचार, जिन्हे अपनाने से बदल जाएगी आपकी जिंदगी। 


1. परदेसी, लोरवान, दु:खी, अपंग, मानुख दि यथाशक्त सेवा करनी
अर्थ: विदेशी, दुखी, विकलांग और जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए।

2. धन, जवानी, तै कुल जात दा अभिमान नै करना
अर्थ: जवानी, जाति और कुल धर्म को लेकर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए।

3. गुरुबानी कंठ करनी
अर्थ: गुरुबानी को कंठस्थ कर लें।

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4. धरम दी किरत करनी
अर्थ: अपनी जीविका ईमानदारीपूर्वक काम करते हुए चलाएं।

5. कम करन विच दरीदार नहीं करना :
अर्थ: काम में खूब मेहनत करनी चाहिए, काम को लेकर कोताही न बरतें।

6. जगत-जूठ तंबाकू बिखिया दी तियाग करना
अर्थ: नशे और तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए।

7. किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नै करना
अर्थ: किसी की चुगली व निंदा नहीं करनी चाहिए। ईर्ष्या करने के बजाय मेहनत करें।

8. बचन करकै पालना
अर्थ: अपने सारे वादों पर खरा उतरने की कोशिश करें।

9. दुश्मन नाल साम, दाम, भेद, आदिक उपाय वर्तने अते उपरांत युद्ध करना
अर्थ: दुश्मन से भिड़ने पर पहले साम, दाम, दंड और भेद का सहारा लें और अंत में ही आमने-सामने के युद्ध में पड़ें।

10. शस्त्र विद्या अतै घोड़े दी सवारी दा अभ्यास करना
अर्थ: खुद को सुरक्षित रखने के लिए शारीरिक सौष्ठव, हथियार चलाने और घुड़सवारी की प्रैक्टिस जरूर करें। आज के संदर्भ में नियमित व्यायाम जरूर करें।

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