सरकार ब्याज से जुड़ी इस योजना पर जल्द ले सकती है फैसला

लॉकडाउन और कोरोना संकट के बीच निर्यात क्षेत्र को सहारा देने के लिए सरकार जल्द ही ब्याज समानीकरण योजना के विस्तार का निर्णय ले सकती है. एक अधिकारी द्वारा यह जानकारी प्राप्त हुई है. इस योजना के तहत, निर्यातकों को विशेष वस्तुओं के लिए लोन पर 3-5 फीसद का अनुदान मिलता है. इस योजना की घोषणा अप्रैल 2015 में पांच वर्षों के लिए की गई थी. फिक्की द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए विदेश व्यापार महानिदेशक अमित यादव ने कहा, 'आने वाले हफ्तों में आप ब्याज समानीकरण योजना के विस्तार के संबंध में एक अच्छी खबर सुनेंगे.'

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अपने बयान में फिक्की के एक स्टेटमेंट में यादव के हवाले से कहा गया, 'हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि निर्यात वापस पटरी पर आ जाए. मार्च महीने के निर्यात के आंकड़ों में मौजूदा संकट को देखा जा सकता है और अप्रैल के आकड़े भी समान ही रहने की आशंका है.' उन्होंने कहा कि इस कठिन समय की कभी कल्पना नहीं की गई थी. सरकार इस कठिन समय में हितधारकों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च को 21 दिन का देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था. इसके बाद प्रधानमंत्री ने इस लॉकडाउन को बढ़ाकर 40 दिन का करने की घोषणा की थी. अब लॉकडाउन की अवधि 3 मई को समाप्त होगी. देशव्यापी लॉकडाउन के कारण देश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हैं. जिसका सीधा असर निर्यात पर भी पड़ रहा है.

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