मेक इन इंडिया : भारत में 300 अरब डॉलर का निवेश

मेक इन इंडिया : भारत में 300 अरब डॉलर का निवेश

नई दिल्ली : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "मेक इन इंडिया" प्रोजेक्ट लगातार आगे बढ़ते हुए नजर आ रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए ही यह बात भी सामने आ रही है कि अब फ़्रांस भी इस प्रोजेक्ट के तहत इन्वेस्ट करने को लेकर सहमत हो गया है. साथ ही इस बात से भी अवगत करवा दे कि यह डील ऑफसेट की शर्त को लेकर रुकी हुई थी. यानी की अब यह "राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट डील" जल्द ही अपने मुकाम को हासिल कर सकती है.

सूत्रों का इस मामले में यह कहना है कि फ्रांस की डिफेंस मिनिस्ट्री के इंजीनियर जनरल स्टीफन रेब की अगुवाई दिल्ली में एक टीम इस राफेल डील को फाइनल रूप देने और साथ ही प्राइस तय करने के मामले में भारतीय पक्ष के साथ बातचीत को अंजाम देने वाली है. आपको साथ ही इस बात से भी अवगत करवा दे कि इस राफेल डील के तहत फ़्रांस के द्वारा भारत में 4.5 अरब डॉलर यानि कि करीब 300 अरब रूपये का निवेश किया जाना है. और इसके तहत ही यह बात भी सामने आई है कि इन डील को "मेक इन इंडिया" प्रोजेक्ट के अंतर्गत छूट भी दी जाना है.

साथ ही जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि फ़्रांस के द्वारा 50 प्रतिशत की ऑफसेट क्लॉज़ को लेकर सैद्धांतिक तौर पर सहमति भी दे दी गई है. यानी की राफेल मैन्युफैक्चरर्स को अब इस डील में लगने वाले पैसे का आधा यहाँ भारतीय इंडस्ट्रीज में ही इन्वेस्ट करना है. साथ ही सरकार के द्वारा फ़्रांस की कुछ विशेष चिंताओं को देखते हुए डिफेंस ऑफसेट पॉलिसी में भी छूट दी जाना है. बताया जा रहा है कि राफेल डील बहुत समय से ऑफसेट क्लॉज़ को लेकर अटकी हुई थी लेकिन "मेक इन इंडिया" प्रोजेक्ट के तहत फ़्रांस के निवेश को भी इस डील की शर्तों के तहत माना जाना है.