कानपुर में छुआछूत का बेहद शर्मनाक मामला

Feb 05 2016 08:12 AM
कानपुर में छुआछूत का बेहद शर्मनाक मामला

कानपुर: प्राचीन से चली आ रही छुआछूत की परंपरा को वर्षो पहले ख़त्म करने के बाद भी उत्तर प्रदेश के बड़े ओधोगिक क्षेत्र कहे जाने वाले कानपुर के विरसिंहपुर गांव में आज भी छुआछुत की परंपरा जारी है ये मामला गाव के एक प्राथमिक स्कूल का है प्राथमिक स्कूल के दलित बच्‍चों ने बताया कि स्कूल का ताला खुलवाने के बाद अध्यापक चाबी लेने से पहले हाथ धुलवाते ेहैं। इस मामले में बुधवार को तहसीलदार ने 20 गांववालों और बच्चों के बयान लिए।

गौरतलब है कि सोमवार को गाव की प्रमुख पप्पी देवी और अन्य ने आरोप लगाया था कि वे मिड डे मील के बारे में जानकारी लेने प्राथमिक स्कूल गई थीं तो उनके जाने के बाद हेडमास्टर संतोष शर्मा ने कुर्सी धुलवाई थी और विवाद होने पर पप्पी देवी का हाथ मरोड़ दिया था। 

मीडिया में मामला आने के बाद तहसीलदार राकेश कुमार जांच करने स्कूल पहुंचे तो पप्पी देवी ने शर्मा के खिलाफ वयान दिया की हेडमास्टर ने उनके हाथ से चाबी छीनी थीए जिससे उनके हाथ में चोट आ गई। साथ ही बच्चों ने हेडमास्टर पर छुआछूत का भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। स्कूली बच्चों सजल, कुलदीप, लवकुश ने बताया कि मास्टर जी रोज चाबी धुलवाकर ही अपने हाथ में लेते थे। मिड डे मील में सिर्फ चावल और नमक मिलता है। तहसीलदार ने कहा कि रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपेंगे। साथ ही बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. सच्चिदानंद यादव ने कहा कि तहसीलदार की रिपोर्ट पर हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

इस मामले में हेडमास्टर ने अपने बचाव में कहा की ये सब मेरे खिलाफ गाव वालो की साजिश है और ये सब इसलिए की जा रही है क्योकि मिड डे मील का धन आवंटन ग्राम प्रधान पप्पी जी अपनी मर्जी से कराना चाहती हैं और में इसके खिलाफ था मैंने ऐसा नहीं किया तो इन्होने मेरे खिलाफ़ झूठे आरोप लगे है। अब जांच के बाद ही पता चलेगा की कौन गलत है और कौन सही फ़िलहाल इस केस को छुआछुत फ़ैलाने के नजरिये से देखा जा रहा है।