1000 करोड़ के घोटाले में संजय राउत को ED का समन, पहले से जेल में हैं नवाब मलिक और देशमुख

मुंबई: महाराष्ट्र में जारी सियासी महाभारत के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राजयसभा सदस्य संजय राउत को समन जारी किया है। राउत को पतरा चाल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित पूछताछ के लिए 28 जून को तलब किया गया है। यह मामला 1034 करोड़ रुपए के जमीन घोटाले से संबंधित है। बता दें कि 5 अप्रैल इस मामले में जांच एजेंसी ने राउत की संपत्ति अटैच की थी। ED ने इस मामले में महाराष्ट्र के कारोबारी और राउत के करीबी प्रवीण राउत को इसी साल फरवरी में अरेस्ट किया था और बाद में चार्जशीट भी दायर की थी। बता दें कि, इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक भी गिरफ्तार हो चुके हैं। 

वहीं, भाजपा ने महाराष्ट्र में सरकार के गठन के संकेत दिए हैं। केंद्र सरकार के मंत्री रावसाहेब दानवे ने एक बैठक में कहा है कि हम सिर्फ 2-3 दिन विपक्ष में हैं। अपने कार्यकाल में जो करना है, जल्दी करें। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे भी उपस्थित थे। वहीं, शिंदे गुट के बगावत के 7वें दिन शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से बड़ा निशाना साधा है। सामना के संपादकीय में शिंदे गुट को नचनिया कहा गया है। वहीं, शिवसेना के MLA उदयसिंह राजपूत ने दावा किया है कि शिंदे गुट में जाने के लिए उन्हों 50 करोड़ रुपए देने की पेशकश की है।

सामना में आगे लिखा गया है कि, जिन 15 विधायकों को केंद्र द्वारा सुरक्षा दी गई है, वो लोकतंत्र के रखवाले नहीं है। ये लोग 50-50 करोड़ रुपए में बेचे गए बैल या ‘बिग बुल’ हैं, जो लोकतंत्र के लिए कलंक है। वहीं फडणवीस और शिंदे के मुलाकात पर भी हमला किया गया है।

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