पाकिस्तान के लिए आतंकवाद बन रहा भस्मासुर

Jan 20 2016 09:16 PM
पाकिस्तान के लिए आतंकवाद बन रहा भस्मासुर

पाकिस्तान, जिसे दुनिया आतंक के पनाहगाह के तौर पर जानती है। वह देश, जहां से आतंकी भारत में हमलों की साजिशों को अंजाम देते हैं। पाकिस्तान, जो इस्लामिक आतंकवाद को पड़ोसी राष्ट्र भारत के लिए खतरा बना रहा है। उस राष्ट्र में ही आतंकी धमाके कर रहे हैं। लोग आतंक के खौफनाक साये में जीने को मजबूर हैं। उसी पाकिस्तान में बेजुबानों, विद्यार्थियों के खून से सड़कें, विश्वविद्यालय के परिसर और प्राथमिक शालाओं के बच्चों की क्लासें रंगी हुई थीं। आखिर ऐसा क्यों। जिस देश को वर्षों से आतंक के खतरों के तौर पर देखा जा रहा है वहां आतंकवाद भस्मासुर बना हुआ है।

हालांकि पाकिस्तान द्वारा भारत के लिए खतरनाक बने आतंकी संगठनों पर पाकिस्तान कार्रवाई करने से बचता रहा है। वह अपनी सेना तालिबानी आतंकियों को रोकने में लगा रहा है। मगर भारत में आतंकवाद से निर्दोषों को मारने वाले आतंकियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। मगर पाकिस्तान के पेशावर में हुए हमलों और अब बाचाखान विश्वविद्यालय में हुए हमलों के बाद यह साफ हो रहा है कि पाकिस्तान के लिए भी आतंकवाद परेशानी बना हुआ है।

भले ही पाकिस्तान के लिए यह तालिबान समर्थित आतंक हो, मगर इसका कनेक्शन आतंक के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क से है। जिसके कारण यह विश्व के लिए भी एक खतरा बना हुआ है। भारत वर्षों से पाकिस्तान से शांति वार्ता के माध्यम से आपसी विवादों को सुलझाने की बात करता रहा है लेकिन पाकिस्तान भारत की धरती पर आतंकवाद धकेल कर इन कोशिशों को नाकाम कर देता है।

भारत के पठानकोट में हुए हमले को लेकर पाकिस्तान ने कार्रवाई की औपचारिकता जरूर की है लेकिन वह इस हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को लेकर अभी तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। इस मामले में भारत द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। मगर पाकिस्तान ने मसूद को लेकर अपने हाथ ही झटक लिए हैं। अब पाकिस्तान में विश्वविद्यालय में तालिबान प्रेरित हमला होने के बाद पाकिस्तान को समझ में आ रहा है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।

शायद अपने देश में होने वाले धमाकों से पाकिस्तान कुछ सबक ले और भारत के साथ मिलकर हर तरह के आतंकवाद का सफाया करे। इस मामले में अमेरिकी रणनीति भी समझ से परे है जहां एक ओर अमेरिका पाकिस्तान को भारत में होने वाले आतंकी हमलों को लेकर कार्रवाई करने की बात कहता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान को एफ - 16 लड़ाकू विमान थमाने के करार को आगे बढ़ाता है।

आतंकवाद को लेकर इन राष्ट्रों की नियत में कुछ खोट है। मगर यह बात साफ है कि पाकिस्तान में हमले होने के बाद वहां की जनता सरकार पर दबाव बनाएगी ऐसे में सरकार को आईएसआई और सैन्य प्रभाव वाली राजनीति से उपर उठकर आतंक के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। 

'लव गडकरी'