इस कारण मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस, लाखों लोगों ने गँवाई थी जान

Dec 02 2020 03:03 AM
इस कारण मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस, लाखों लोगों ने गँवाई थी जान

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस उन व्यक्तियों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने भोपाल गैस त्रासदी में अपने प्राण गँवा दिए थे। उन मृतकों को सम्मान देने तथा याद करने के लिये देश में प्रत्येक वर्ष 2 दिसंबर को मनाया जाता है। भोपाल गैस त्रासदी वर्ष 1984 में 2 तथा 3 दिसंबर की रात में जिलें में स्थित यूनियन कार्बाइड के रासायनिक संयंत्र से जहरीला रसायन जिसे मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) के तौर पर जाना जाता है के साथ-साथ अन्य रसायनों के रिसाव की वजह से हुई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, 500,000 से ज्यादा लोगों की (जो 2259 के आसपास तुरंत मर गये) एमआईसी की जहरीली गैस के रिसाव की वजह से जान चली गई थी। बाद में, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ये घोषित किया गया कि गैस त्रासदी से जुड़े करीब 3,787 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। अगले 72 घंटों में करीब 8,000-10,000 के आसपास व्यक्तियों की मौत हुई, वहीं बाद में गैस त्रासदी से जुड़ी बीमारियों की वजह से करीब 25000 लोगों की मौत हो गयी। ये पूरी दुनिया में इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक प्रदूषण आपदा के तौर पर जाना गया, जिसके लिये भविष्य में इस तरह की आपदा से दूर रहने के लिए गंभीर निवारक उपायों की जरुरत है।

प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने के प्रमुख कारकों में से एक औद्योगिक आपदा के प्रबंधन तथा नियंत्रण के साथ-साथ पानी, हवा तथा मिट्टी के प्रदूषण (औद्योगिक प्रक्रियाओं या मैनुअल लापरवाही की वजह से उत्पन्न) की रोकथाम है। सरकार द्वारा पुरे विश्व में प्रदूषण को गंभीरता से नियंत्रित करने तथा रोकने के लिए बहुत से कानूनों का ऐलान किया गया। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस प्रत्येक वर्ष 2 दिसंबर को प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों की जरुरत की तरफ बहुत ज्यादा ध्यान देने के लिये लोगों को तथा सबसे ज्यादा उद्योगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।

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