स्वास्थ्य मंत्री सी विजय बास्कर का बड़ा बयान, कहा- द्रमुक और कांग्रेस को नीट के खिलाफ बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं

स्वास्थ्य मंत्री सी विजय बास्कर का बड़ा बयान, कहा- द्रमुक और कांग्रेस को नीट के खिलाफ बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं

भारत के दक्षिणी हिस्से में नीट परीक्षा बहुत बड़ी चिंता का विषय थी। द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने नीट मुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाज़ी की गई। स्वास्थ्य मंत्री सी विजय बास्कर ने इस मामले में कहा कि, ' DMK और कांग्रेस को नीट और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन के खिलाफ बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं था, जिसमें सरकार पर आरोप लगाया गया था कि वह तमिलनाडु को छूट देने के लिए केंद्र पर पर्याप्त दबाव नहीं डाल रही है। सोमवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पूरी होने के बाद व्यक्तिगत रूप से मीडिया से बात करते हुए दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

विजय बास्कर ने कहा, 'पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के समय से लेकर आज तक नीट का विरोध करने में हमारा रुख लगातार रहा है और हम अभी भी कानूनी तौर पर इससे लड़ रहे हैं। अन्नाद्रमुक के दावे को ' ड्रामा ' बताते हुए स्टालिन ने कहा कि हालांकि अन्नाद्रमुक ने अपने चुनावी घोषणापत्र में नीट के मुद्दे को शामिल किया था, अपनी आम परिषद की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया था और यहां तक कि विधानसभा में पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव का हिस्सा भी रहा था, लेकिन उसने इसके बारे में कुछ नहीं किया था।

विजय बासकर ने कहा कि नीट पर नीतिगत फैसला 27 दिसंबर, 2010 को लिया गया था और यह दिवंगत जयललिता ही थीं जिन्होंने इसका विरोध किया और फिर 18 जनवरी, 2013 को सुप्रीम कोर्ट से स्टे हासिल किया। मंत्री ने कहा कि अब यह परीक्षण उच्चतम न्यायालय की पीठ के आदेश पर किए जा रहे थे।

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